इंदिरा एकादशी पर 51 किलो फूलों से सजा दरबार, हजारों भक्तों ने लिया आशीर्वाद
ब्यावरा में इंदिरा एकादशी के पावन अवसर पर मंगलवार को खाटू श्याम मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा खाटू श्याम के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस विशेष दिन पर, पितरों की शांति और मोक्ष की कामना से व्रत-पूजन करने की सनातन परंपरा का निर्वहन करते हुए भक्तों ने भगवान विष्णु की भी पूजा-अर्चना की। मंगला आरती के साथ ही मंदिर में दर्शन शुरू हो गए थे, जो दिनभर जारी रहे। शहर सहित आसपास के गांवों और ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्याम निशान लेकर मंदिर पहुंचे। इंदिरा एकादशी के महत्व को देखते हुए, बाबा खाटू श्याम का विशेष श्रृंगार किया गया। उज्जैन से मंगवाए गए 51 किलो फूलों और अन्य आकर्षक सजावट सामग्री से बाबा का दरबार सजाया गया। सुबह से ही दर्शनार्थियों का तांता लगना शुरू हो गया था, जो दिन चढ़ने के साथ बढ़ता ही गया। हाथों में श्याम निशान लिए भक्त जयकारे लगाते हुए मंदिर पहुंचे, जिससे पूरा परिसर और आसपास के मार्ग बाबा श्याम के जयकारों से गूंजते रहे। ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों के साथ पहुंची टोलियों ने माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए, मंदिर समिति ने दर्शनार्थियों के सुगम आवागमन के लिए कतारों और बैरिकेडिंग की पुख्ता व्यवस्था की थी। इस व्यवस्था को बनाए रखने में पुलिस, नगर सुरक्षा समिति और स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। मंदिर परिसर और आसपास के मार्गों पर भी जवानों और स्वयंसेवकों को तैनात किया गया था ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और शांति व्यवस्था बनी रहे। भक्तों ने कतारों में लगकर दर्शन किए और परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मनोकामना पूर्ति के लिए प्रार्थना की। इंदिरा एकादशी सनातन धर्म में एक महत्वपूर्ण एकादशी मानी जाती है। यह एकादशी पितृपक्ष के दौरान आती है, और इस दिन पितरों की शांति एवं मोक्ष की कामना से व्रत और पूजन किया जाता है। भक्त भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और पितरों की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं। इसी धार्मिक महत्व के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा खाटू श्याम के दर्शन के लिए ब्यावरा पहुंचे। मंदिर में पहुंचे श्रद्धालुओं में महिलाओं और बच्चों की संख्या भी काफी उल्लेखनीय रही।

