सीहोर जिले के विकासखंड चरनाल में किसानों को खेती के उन्नत तरीकों और मृदा संरक्षण के बारे में जागरूक करने के लिए 'खेत बचाओ अभियान' के तहत एक कृषक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को नरवाई प्रबंधन, संतुलित उर्वरक उपयोग और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के उपायों के बारे में शिक्षित करना था। कृषि अधिकारियों ने किसानों को बताया कि नरवाई का उचित प्रबंधन न केवल मिट्टी की सेहत के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह खेतों की उत्पादकता को भी बनाए रखने में सहायक होता है। उन्होंने नरवाई के प्रबंधन में उपयोगी विभिन्न कृषि यंत्रों की जानकारी भी दी और उनके उपयोग के तरीके समझाए। कार्यक्रम में मृदा स्वास्थ्य और खेतों की उत्पादकता बनाए रखने के लिए आवश्यक उपायों पर विशेष जोर दिया गया। कृषि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भूमि की उर्वरता को बनाए रखने के लिए उर्वरकों का संतुलित मात्रा में उपयोग करना अत्यंत आवश्यक है। इससे मिट्टी की सेहत सुधरती है, भूमि का संरक्षण होता है और खेतों की उत्पादन क्षमता बढ़ती है। किसानों को समझाया गया कि वे अपनी भूमि की प्रकृति के अनुसार ही उर्वरकों का चयन करें और उनकी मात्रा का ध्यान रखें। जल संरक्षण के महत्व और पानी के उचित उपयोग के उपायों पर भी किसानों को विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी है और पानी की हर बूंद का सही उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए। वर्षा जल संचयन, सिंचाई के आधुनिक तरीके और पानी की बर्बादी को रोकने जैसे उपायों के बारे में किसानों को जागरूक किया गया। इससे वे न केवल अपने खेतों के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित कर सकते हैं, बल्कि भूजल स्तर को भी बेहतर बनाए रख सकते हैं। इस जागरूकता कार्यक्रम में ग्राम पंचायत चरनाल के सरपंच, कृषि विस्तार अधिकारी और बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे। उन्होंने कृषि अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी को ध्यानपूर्वक सुना और अपने प्रश्न पूछकर शंकाओं का समाधान किया। अधिकारियों ने किसानों को आश्वस्त किया कि वे किसी भी समस्या के समाधान के लिए हमेशा उपलब्ध रहेंगे।
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चरनाल में किसानों को खेती की जानकारी
4 नवंबर 2026 को 11:05 pm बजे
