अभिनेत्री और मॉडल रहीं 33 वर्षीय त्विषा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला राजधानी भोपाल में एक बार फिर चर्चा में है। इस मामले में आरोपित उनकी सास और सेवानिवृत्त जिला जज गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका का पीड़ित पक्ष ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में कड़ा विरोध किया है। त्विषा के परिजनों ने अदालत में 56 पन्नों के दस्तावेज पेश किए हैं, जिनमें आरोप लगाया गया है कि त्विषा की मौत के बाद गिरिबाला ने कई वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों से फोन पर संपर्क किया था। दस्तावेजों में 12 और 13 मई की कॉल डिटेल का हवाला दिया गया है। परिजनों का कहना है कि इन परिस्थितियों को देखते हुए गिरिबाला को जमानत देना जांच और न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। फिलहाल हाई कोर्ट ने जमानत याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। मौत के बाद अधिकारियों से संपर्क करने का आरोप अदालत में पेश दस्तावेजों के मुताबिक, त्विषा की मौत 12 मई की रात हुई थी। इसके बाद 12 और 13 मई के दौरान गिरिबाला सिंह ने कई प्रभावशाली अधिकारियों से फोन पर बातचीत की थी। पीड़ित पक्ष ने कॉल डिटेल के आधार पर दावा किया है कि उन्होंने हाई कोर्ट के एक पूर्व न्यायाधीश से चार बार बात की। इसके अलावा भोपाल में पदस्थ एक अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश से 12 बार और अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के एक अधिकारी से चार बार फोन पर संपर्क किया गया। दस्तावेजों में महानिदेशक स्तर के एक आईपीएस अधिकारी से छह बार बातचीत और एक अन्य अतिरिक्त जिला न्यायाधीश से एक बार संपर्क किए जाने का भी उल्लेख है। त्विषा के परिजनों ने इन फोन कॉल को जमानत का विरोध करने के लिए महत्वपूर्ण आधार बनाया है। उनका तर्क है कि घटना के तुरंत बाद वरिष्ठ अधिकारियों से इस तरह संपर्क किए जाने की परिस्थितियों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। अब सभी की नजर हाई कोर्ट के अंतिम आदेश पर है।
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जज सास के जमानत पर हाई कोर्ट का फैसला सुरक्षित
1 नवंबर 2026 को 10:51 pm बजे

जज सास के जमानत पर हाई कोर्ट का फैसला सुरक्षित
