सागर में बंडा क्षेत्र के उल्दन बांध की डुबान में सूखे पेड़ पर बंदरों का झुंड फंस गया है। इस बांध में इस सीजन पहली बार पानी भर रहा है। पेड़ के चारों ओर 10 फीट तक पानी भर चुका है, जिसके कारण बंदर वहां से निकल नहीं पा रहे हैं। वन विभाग ने तीन दिन से बंदरों को सुरक्षित निकालने के उपाय कर रहे हैं। वनकर्मियों ने नाव से केले आदि पहुंचाकर बंदरों को आकर्षित करने की कोशिश की। रविवार को वनकर्मियों ने नाव की मदद से दो बंदरों को सुरक्षित किनारे पर पहुंचा दिया। बंदरों की सुरक्षित निकासी के प्रयासों के तहत रेंजर विपुल प्रभात ने बताया कि यदि बंदर सूखे पेड़ से नहीं हटते हैं तो पेड़ को कटवाने पर विचार किया जाएगा। कई ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचित किया था कि तट से करीब 200 मीटर भीतर एक सूखे पेड़ पर बंदरों का झुंड भूखा-प्यासा बैठा है। नवदुनिया के प्रतिनिधि के अनुसार, इस समस्या का समाधान करने के लिए वनकर्मियों ने कई प्रयास किए हैं। सबसे पुराना सलैया खुर्द गांव बांध के भरने के बाद पूरी तरह से डूब चुका है। यह बांध करीब दो हजार 610 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना का हिस्सा है। बांध के निर्माण के कारण आसपास के गांव प्रभावित हो रहे हैं। वन विभाग ने यह सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है कि बंदरों को सुरक्षित तरीके से निकाला जाए। इस दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं ताकि बंदरों की जान बचाई जा सके। वनकर्मियों ने बताया कि बंदरों को सुरक्षित निकालने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं।
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वनकर्मियों ने फंसे बंदरों को सुरक्षित निकाला
28 सितंबर 2026 को 11:04 pm बजे

वनकर्मियों ने फंसे बंदरों को सुरक्षित निकाला
