प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने क्रिप्टोकरेंसी और स्टेबल कॉइन के जरिए कथित तौर पर अनधिकृत विदेशी लेनदेन के मामले में अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। एजेंसी ने मध्य प्रदेश में एक कंपनी के तीन ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत बेंगलुरु की कंपनी आरपीएफएएस टेक्नोलॉजी से जुड़े परिसरों पर की गई है। ईडी की जांच के अनुसार, आरपीएफएएस टेक्नोलॉजी मड्रेक्स और सेबर.मनी नाम से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म संचालित करती है। आरोप है कि इन प्लेटफॉर्म के माध्यम से क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर सीमा पार धन हस्तांतरण किया जा रहा था। जांच में करीब 4,600 करोड़ रुपये के विदेशी लेनदेन का मामला सामने आने की बात कही गई है। प्रारंभिक जांच और खुफिया सूचनाओं के आधार पर एजेंसी को पता चला कि कंपनी यूएसडीटी और यूएसडीसी जैसे स्टेबल कॉइन के जरिए अंतरराष्ट्रीय धन हस्तांतरण की सुविधा उपलब्ध करा रही थी। इसके लिए कथित तौर पर अधिकृत बैंकिंग माध्यमों और भारतीय रिजर्व बैंक के निर्धारित नियमों को दरकिनार किया जा रहा था। ईडी के मुताबिक, कंपनी इंटरनेट पर तत्काल और तेजी से अंतरराष्ट्रीय धन हस्तांतरण की सेवाओं का प्रचार भी कर रही थी। एजेंसी ने बेंगलुरु में आरपीएफएएस टेक्नोलॉजी के चार ठिकानों पर कार्रवाई की।
समाचार
ईडी ने क्रिप्टो मामले में छापा मारा
4 नवंबर 2026 को 11:05 pm बजे
