किसानों को खाद-उर्वरक की किल्लत होने पर कलेक्टरों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा
आगामी त्योहारों पर कड़े इंतजाम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगामी त्योहारों को देखते हुए कानून व्यवस्था और तैयारियों की समीक्षा के लिए सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। उन्होंने निर्देश दिया कि दीपावली का पर्व हर्षोल्लास से मनाया जाए, लेकिन किसी भी प्रकार के असामाजिक कार्य न हों। इसके लिए पुलिस और प्रशासन को कानून व्यवस्था की सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखनी होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दीपावली किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण है, इसलिए प्रदेश का पूरा प्रशासनिक अमला अलर्ट मोड़ पर रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को खाद-उर्वरक या अन्य किसी भी प्रकार की कठिनाई आने पर संबंधित जिलाधिकारी जिम्मेदार माने जाएंगे। यह बैठक मुख्यमंत्री निवास से आयोजित की गई थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया कि दीपावली के दौरान अवैध और प्रतिबंधित पटाखों का उपयोग कतई न होने पाए। मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक कार्बाइड गन और कार्बाइड लैंप के उपयोग पर भी अंकुश लगाया जाए। उन्होंने बड़े बाजारों में फल, फूल, दीया-बाती और झालर जैसी दुकानें लगाने वाले छोटे दुकानदारों को तहबाजारी से छूट देने और उन्हें अनावश्यक परेशान न करने का भी आदेश दिया। उन्होंने कहा कि जिला अधिकारी दीपावली के दिन छोटे बच्चों, गरीब बस्तियों, अनाथालयों और वृद्धाश्रमों में जाकर उनके साथ त्योहार मनाएं। मुख्यमंत्री ने अवैध शराब के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि जिलों में अवैध शराब के उपयोग, निर्माण और परिवहन पर कड़ी कार्रवाई की जाए। जहरीली और नकली शराब बनाने वाले स्थानों को चिन्हित कर ऐसे लोगों पर कठोरतम वैधानिक कार्रवाई की जाए। उन्होंने अवैध शराब विक्रय में एजेंट, पैकारी और डायरी व्यवस्था जैसे असामाजिक कार्यों को सख्ती से रोकने और शराब परिवहन करने वाले वाहनों का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि वैध लाइसेंस वाली शराब तय कीमत से अधिक पर न बेची जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारी समय-समय पर शराब के नमूने लेकर जांच करें और हानिकारक तत्व पाए जाने पर लाइसेंसधारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्य प्रदेश को नशामुक्त प्रदेश बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गांजा, अफीम जैसे मादक पदार्थों की अवैध खेती पर सख्ती से अंकुश लगाया जाए।
मादक पदार्थों की अवैध खेती और उपयोग पर रोक लगाएं। बैठक में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव गृह संजय कुमार शुक्ल, अपर मुख्य सचिव संस्कृति शिव शेखर शुक्ला, अपर मुख्य सचिव सह कृषि उत्पादन आयुक्त केसी गुप्ता, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह, प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय सोनाली वायंगणकर, एडीजी (इंटेलिजेंस) अंशुमन यादव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
किसानों के लिए खेती-किसानी और खाद-उर्वरक की जरूरत का समय बताते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी भी जिले में खाद-उर्वरक की आपूर्ति में कोई कठिनाई नहीं होनी चाहिए। यदि किसानों को कठिनाई हुई तो इसके लिए जिलाधिकारी जिम्मेदार होंगे। उन्होंने कलेक्टरों से लेकर कृषि एवं विपणन विभाग के सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को अलर्ट मोड़ पर रहने और किसानों को आवश्यकतानुसार खाद-उर्वरक वितरण कराने का निर्देश दिया। सचिव कृषि ने बताया कि प्रदेश में खाद आपूर्ति में कोई परेशानी नहीं है।
