इछावर तहसील के ग्राम देवपुरा में दीपावली के दूसरे दिन आयोजित होने वाले मेले की तैयारियां
कलेक्टर बालागुरू के. ने झूलों की सुरक्षा जांच, यातायात, पेयजल, स्वच्छता और चिकित्सा सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए
इछावर तहसील के ग्राम देवपुरा में दीपावली के दूसरे दिन आयोजित होने वाला बारह खंबा मेला क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन है। इस मेले में प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुचारू आयोजन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, कलेक्टर बालागुरू के. ने मेले की तैयारियों की समीक्षा के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में उन्होंने आवश्यक व्यवस्थाओं को समय रहते पूरा करने के निर्देश दिए। कलेक्टर बालागुरू के. ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि मेला क्षेत्र में लगाए जाने वाले सभी झूलों की मजबूती और सुरक्षा की जांच आयोजन से पहले अनिवार्य रूप से की जानी चाहिए। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मेले के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या दुर्घटना की कोई आशंका न रहे। यह निर्देश श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की ओर स्पष्ट संकेत करते हैं। यातायात प्रबंधन को सुचारू बनाए रखने के लिए भी कलेक्टर ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि मेले के दौरान यातायात का प्रवाह निर्बाध बना रहे और श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके लिए विस्तृत योजना बनाकर उसका कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए। पेयजल की उपलब्धता मेले के सुचारू संचालन का एक अभिन्न अंग है। कलेक्टर ने इस बात पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया कि मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि पानी की आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रहे और किसी को भी प्यास न लगे। स्वच्छता और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने के निर्देश भी कलेक्टर बालागुरू के. द्वारा दिए गए। उन्होंने कहा कि मेला क्षेत्र को साफ-सुथरा रखना अत्यंत आवश्यक है, ताकि श्रद्धालुओं को एक स्वच्छ और सुखद वातावरण मिल सके। इसके लिए नियमित रूप से सफाई अभियान चलाने और कचरा प्रबंधन की उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, कलेक्टर ने चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि मेले के दौरान किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त संख्या में चिकित्साकर्मी और आवश्यक दवाएं उपलब्ध रहें। प्राथमिक उपचार केंद्रों की स्थापना और एम्बुलेंस की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए, कलेक्टर बालागुरू के. ने संबंधित अधिकारियों के साथ ग्राम देवपुरा स्थित बारह खंबा मेला क्षेत्र का व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण किया। इस दौरे के दौरान, उन्होंने जमीनी स्तर पर चल रही तैयारियों का बारीकी से अवलोकन किया और अधिकारियों से व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। कलेक्टर ने मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए भीड़ प्रबंधन के लिए पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अनुमानित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया जाना चाहिए। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने के भी निर्देश दिए गए। सुरक्षा के सभी आवश्यक इंतजामों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए। इसमें संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखना, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूर्व-नियोजित उपाय लागू करना शामिल है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर ने सभी विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल ही मेले के सफल आयोजन की कुंजी है। व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करने और किसी भी समस्या के उत्पन्न होने पर तत्काल समाधान खोजने के लिए मिलकर काम करने पर जोर दिया गया। इस बैठक और निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चलें और यह आयोजन एक सुखद अनुभव साबित हो। यह श्रद्धालुओं की संतुष्टि और सुरक्षा के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
