निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) का घोषित उद्देश्य उन लोगों को हटाना है जो निर्धारित मानदंडों को पूरा नहीं करते। हालांकि, राज्यों से सामने आई विसंगतियों के कारण यह कवायद सवालों के घेरे में है। लाखों ऐसे लोगों के नाम सूची से हटा दिए गए जो प्रक्रिया के दौरान आयोग के मानदंडों को पूरा नहीं कर सके या जिनके दस्तावेजों में त्रुटि थी। विपक्षी दलों ने एसआइआर अभियान से विपरीत नतीजे आने का आरोप लगाया है। यह अभियान उन पांच राज्यों, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब और मणिपुर में चिंताजनक है, जहां अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इन राज्यों में एसआइआर के बाद मतदाताओं की संख्या में 13.24 फीसद की कमी आई है। पुनरीक्षण से पहले मतदाताओं की संख्या लगभग 18.71 करोड़ थी, जो घटकर 16.43 करोड़ रह गई है। करीब 2.29 करोड़ लोगों को अपात्र घोषित किया गया, जिनमें नब्बे फीसद अकेले उत्तर प्रदेश के थे। यह सवाल उठता है कि इतनी बड़ी संख्या में ऐसे लोग सूची में कैसे थे जिन्हें बाद में अपात्र घोषित किया गया। संभव है कि वे निर्धारित मानदंडों को पूरा नहीं कर पा रहे हों। पश्चिम बंगाल में जब राजनीतिक दलों ने एसआइआर में लोगों को सूची से बाहर करने पर सवाल उठाए, तो अपीलीय न्यायाधिकरण के गठन के बाद नब्बे फीसद से अधिक आवेदकों को वैध मतदाता पाया गया और उनका नाम बहाल कर दिया गया। इस अनुभव से यह उम्मीद स्वाभाविक है कि यदि दूसरे राज्यों में भी अपीलीय न्यायाधिकरण के माध्यम से दावों के निपटारे की व्यवस्था की जाती, तो शायद बहुत से लोगों को सूची में वापस जगह मिल जाती जिन्हें एसआइआर में बाहर कर दिया गया था। यह स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में फॉर्म 6 के जरिए नए आवेदन देकर मतदाता सूची में दोबारा शामिल होने के प्रयासों पर नाराजगी जताई थी। शीर्ष अदालत ने यह पूछा था कि यदि कोई पहले से मतदाता है, तो फॉर्म 6 भरवाकर उसे नए मतदाता के रूप में क्यों जोड़ा जा रहा है। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि केवल पात्र मतदाताओं को शामिल करने के इस अभियान में वास्तव में वैध मतदाताओं को भी सूची से बाहर कर दिया गया। यदि आयोग की प्रक्रियागत खामियों के कारण बड़ी संख्या में लोग अपना वोट देने के अधिकार से वंचित रह जाते हैं, तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा?
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मतदाता सूची से लाखों मतदाताओं का नाम हटना: प्रक्रियागत खामियों पर उठे सवाल
4 नवंबर 2026 को 11:05 pm बजे
