जनगणना का द्वितीय चरण फरवरी 2027 में शुरू होने जा रहा है। इस महत्वपूर्ण कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश जारी किए गए हैं। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण होने के साथ- साथ संवेदनशील भी है। उन्होंने जोर दिया कि इसे पूरी सजगता और सक्रियता से संपादित किया जाए। प्रशिक्षण के दौरान, जनगणना की पूरी प्रक्रिया, डिजिटल माध्यम से गणना करने की विधि और इससे जुड़े विभिन्न दायित्वों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस बार जनगणना पूरी तरह से डिजिटल फॉर्म में मोबाइल ऐप के माध्यम से संपन्न होगी। गणना की गई जानकारी को ऑनलाइन दर्ज कर सबमिट किया जाएगा, जिससे निर्धारित समय-सीमा के भीतर डेटा एकत्र कर पूरी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न किया जा सकेगा। कलेक्टर यादव ने स्पष्ट किया कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े राष्ट्र को एक समृद्ध और विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में भविष्य की योजनाओं के निर्माण में अत्यंत उपयोगी साबित होंगे। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर क्षेत्रीय और समग्र विकास की योजनाओं की रूपरेखा तैयार की जाएगी। यह डेटा विकास योजनाओं की नींव और आधारशिला का काम करेगा। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि फील्ड में आमजन से संपर्क करने वाले अधिकारी-कर्मचारी विनम्र, संवेदनशील, सहयोगात्मक और मर्यादित व्यवहार रखें। आमजन को अपनी जानकारी सहजता से उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की झिझक या असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने अधिकारियों-कर्मचारियों से अपेक्षा व्यक्त की कि वे जनगणना कार्य को पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ संपादित करें। उनका मानना है कि यह कार्य न केवल सरकारी योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि समाज के हर वर्ग के विकास को गति देने में भी सहायक सिद्ध होगा। जनगणना की प्रक्रिया में डिजिटल तकनीक का उपयोग कार्य को अधिक कुशल और तेज बनाएगा। मोबाइल ऐप के माध्यम से डेटा संग्रह से मानवीय त्रुटियों की संभावना कम हो जाएगी और डेटा की सटीकता बढ़ेगी। यह परिवर्तन जनगणना को अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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जनगणना का दूसरा चरण फरवरी में होगा शुरू
6 अक्टूबर 2026 को 10:24 pm बजे
