हत्या के बाद से पुलिस कर रही थी तलाश
शहडोल जिले के कोठिया गांव में 55 वर्षीय नंदकुमार सिंह गोंड ने अपने ही बेटे सिंघराज सिंह गोंड की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। यह घटना 2 अक्टूबर को एक मामूली बात को लेकर हुए विवाद के बाद हुई। विवाद बढ़ने पर नंदकुमार ने बेटे पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया, जिससे सिंघराज की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद नंदकुमार सिंह गोंड फरार हो गया और आसपास के घने जंगलों में छिप गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा सहित अन्य कार्रवाई शुरू कर दी। घटना के बाद से ही पुलिस की कई टीमें नंदकुमार की तलाश में जुटी हुई थीं। ब्यौहारी पुलिस लगातार जंगलों में सर्चिंग कर रही थी, जिसमें 100 से अधिक ग्रामीण भी सहयोग कर रहे थे। दो अक्टूबर से शुरू हुई तलाश में पुलिस दिन-रात जुटी रही, लेकिन घना जंगल होने के कारण आरोपी का पता नहीं चल पा रहा था। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई टांगी भी घटनास्थल के पास से बरामद की। जंगल में छिपे नंदकुमार ने घटना के बाद अपने भांजे को फोन कर हत्या को लेकर अफसोस जताया था। उसने कहा था कि उसे समझ नहीं आ रहा कि उसने यह हत्या कैसे कर दी। बातचीत के दौरान उसने हत्या को लेकर खेद व्यक्त किया और फिर फोन बंद कर लिया। यह ऑडियो पुलिस के लिए जांच का एक अहम हिस्सा बना। मंगलवार सुबह पुलिस को रेलवे ट्रैक पर एक व्यक्ति के ट्रेन के सामने आने की सूचना मिली। यह सूचना हत्या स्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर मिली। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों व रेलवे कर्मचारियों की मदद से शव की पहचान कराई। लेकिन, उसने खुद ही अपनी जीवन लीला समाप्त करने का फैसला कर लिया।

