ठेकेदार का दावा, महिला से संबंध सहमति से थे, पत्नी-पिता ने मांगी मोटी रकम
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में हनीट्रैप का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें एक ठेकेदार ने महिला, उसके पति और पिता पर डेढ़ करोड़ रुपये की अड़ीबाजी करने का आरोप लगाया है। ठेकेदार लक्ष्मीनारायण मालवीय (एलएन मालवीय) का दावा है कि महिला के साथ उनके संबंध सहमति से थे और उसका पति इस बात को जानता था। मामला तब बढ़ा जब महिला ने दुष्कर्म का केस दर्ज कराने की धमकी दी। पुलिस के अनुसार, बाग सेवनिया थाना क्षेत्र के निवासी एलएन मालवीय ने शिकायत दर्ज कराई है कि महिला, उसके पति रामकुमार धाकड़ और पिता रामकृष्ण देवड़ा ने उनसे डेढ़ करोड़ रुपये ऐंठने के लिए दुष्कर्म का केस कराने की धमकी दी। मालवीय का आरोप है कि मई 2026 में महिला ने लिखित शिकायत देकर पांच लाख रुपये का कर्ज माफ करा लिया था। इसके बाद जून में फिर से शिकायत की और उसे वापस लेने के एवज में 25 लाख रुपये ले लिए, लेकिन बाद में वे मुकर गए और दबाव बनाने लगे। इस मामले में तीन बार लिखित करार भी हुआ है, जिसमें यह तय हुआ था कि दुष्कर्म का कोई केस दर्ज नहीं कराया जाएगा। मालवीय ने दावा किया कि उन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर महिला और उसके परिवार को एमपीनगर स्थित अपने फ्लैट पर बुलाया था, जहाँ दो बार समझौता हुआ। इस दौरान उन्हें पैसे दिए गए और स्टाम्प पेपर पर यह लिखवाया गया कि दोनों के बीच शारीरिक संबंध रजामंदी से बने थे और दुष्कर्म का केस दर्ज नहीं होगा। ठेकेदार मालवीय के अनुसार, महिला का पति बाद में मुकर गया और धमकी देने लगा कि अगर डेढ़ करोड़ रुपये नहीं दिए तो वह बेटी के नाम पर रेप का मामला दर्ज कराएगा। मालवीय का यह भी दावा है कि इस सब के एवज में वह उक्त परिवार को 35 लाख रुपये दे चुके थे, जिसके फोन रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्य उनके पास मौजूद हैं। वहीं, दूसरी ओर एलएन मालवीय ने सहमति से संबंध बनने की बात कही है। पुलिस ने ठेकेदार मालवीय की शिकायत के आधार पर महिला, उसके पिता और पति के खिलाफ ब्लैकमेलिंग, अड़ीबाजी सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि, इस मामले में पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी साक्ष्यों को खंगाल रही है। यह मामला एक बार फिर प्रदेश की राजधानी में हनीट्रैप की घटनाओं पर सवाल खड़े करता है, जहाँ पैसों के लिए ब्लैकमेलिंग और झूठे आरोपों का सहारा लिया जा रहा है।

