कर्मयोगी भारत रैंकिंग में मध्य प्रदेश तीसरे स्थान पर, प्रशिक्षण बढ़ाने हेतु निर्देश जारी
कर्मयोगी भारत पोर्टल पर मध्य प्रदेश को कैटेगरी-च राज्यों में देश में तीसरा स्थान मिला है। पोर्टल द्वारा निर्धारित स्टेट रैंकिंग फ्रेमवर्क में राज्य ने 60.45 कंपोजिट स्कोर प्राप्त किया है। इस रैंकिंग में और अधिक सुधार लाने और शत-प्रतिशत सक्रियता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सामान्य प्रशासन विभाग एवं संभागीय कार्यालय ने अधिकारियों और कर्मचारियों को नियमित रूप से कोर्स पूरा करने और पोर्टल पर सक्रिय सहभागिता बनाए रखने के निर्देश जारी किए हैं। इससे राष्ट्रीय रैंकिंग में शीर्ष स्थान प्राप्त करने में मदद मिलेगी। अखिल भारतीय रैंकिंग को बेहतर बनाने के लिए, सभी विभागाध्यक्षों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके विभाग के सभी पंजीकृत इगोत यूजर्स प्रतिमाह कम से कम 01 घंटे का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से पूरा करें। प्रशिक्षण प्रमाण-पत्रों को वार्षिक गोपनीय चरित्रावली (एसीआर/एपीएआर) में शामिल किया जाना आवश्यक है। प्रत्येक लोकसेवक द्वारा इगोत पोर्टल से प्राप्त प्रशिक्षण प्रमाण-पत्रों और कोर्स पूर्ण करने की संख्या को उनकी एसीआर/एपीएआर में अनिवार्य रूप से अंकित या सम्मिलित किया जाना चाहिए। शासन के निर्देशानुसार, प्रत्येक लोकसेवक द्वारा अनिवार्य एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) कोर्स और 15 घंटे का प्रशिक्षण पूरा किया जाना है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित कम से कम 15 घंटे के कोर्स को 31 मार्च 2027 तक हर हाल में पूरा कराया जाना है। इसमें अनिवार्य एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) कोर्स भी शामिल हैं, जिसके लिए प्रत्येक लोकसेवक को कम से कम 01 एआई कोर्स करना होगा। जिन कार्यालयों या तृतीय/चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों द्वारा अभी तक एक भी कोर्स नहीं किया गया है, उनके लिए कार्यालय स्तर पर सामूहिक प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।
