पूर्व आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल हत्याकांड के आरोपी वरुण कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसे आगरा से पकड़ा गया था, जहाँ उसने भागने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। इस मुठभेड़ के बाद वरुण कुमार को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसका इलाज चल रहा है। वरुण कुमार रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल का केयरटेकर था और सूरज नगर स्थित घर में हुई बेरहमी से हत्या के बाद से ही फरार चल रहा था। उसे इस मामले में मुख्य संदिग्ध माना जा रहा था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था, जिसके चलते पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था। वरुण की तलाश में पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी जुटे थे। सीसीटीवी फुटेज खंगालने और ग्वालियर, मथुरा, वृंदावन और आगरा सहित कई जगहों पर दबिश देने के बावजूद वह पुलिस के हाथ नहीं लग रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था, जिसकी कमान एआईजी उमेश तिवारी को सौंपी गई थी। पुलिस आरोपी वरुण कुमार को आगरा से गिरफ्तार करके भोपाल वापस ला रही थी। इसी दौरान मुगलिया छाप के पास वरुण ने अचानक पुलिस की गिरफ्त से भागने का प्रयास किया। पुलिस ने आत्मरक्षा में उसके पैर में गोली चलाई, जिसके बाद उसे घायल अवस्था में भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल की नृशंस हत्या पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी गहरा दुख व्यक्त किया था। उन्होंने घटना के बाद तत्काल मामले में एसआईटी गठित करने के आदेश दिए थे। राकेश अग्रवाल का भोपाल में 30 सितंबर की रात को बेरहमी से कत्ल कर दिया गया था। वारदात के बाद राकेश अग्रवाल का बेटा सिद्धांत उर्फ सिद्ध अग्रवाल, जो अमेरिका में था, भोपाल आकर 2 अक्टूबर को पिता का अंतिम संस्कार कर सका। राकेश अग्रवाल की अंत्येष्टि करीब 60 घंटों के बाद हो पाई थी।
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आईएएस हत्याकांड: आरोपी को भागते समय गोली लगी
3 नवंबर 2026 को 9:57 pm बजे

आईएएस हत्याकांड: आरोपी को भागते समय गोली लगी
