ताजपुर में विदेशी फल ड्रैगन फ्रूट की खेती अब जोर पकड़ रही है। विष्णु पाटीदार ने रायपुर में इसकी खेती देख अपने यहां भी इसका उत्पादन शुरू किया। वर्तमान में पाटीदार ने 8 बीघा में ड्रैगन फ्रूट के पौधे लगाए हैं। इस खेती को देखने और समझने के लिए दूर-दूर से किसान आ रहे हैं। ताजपुर में ड्रैगन फ्रूट की खेती से किसानों को लाभ हो रहा है। अब इंदौर और आसपास की मंडियों में रोजाना ड्रैगन फ्रूट बेचा जा रहा है। इससे किसान लाखों रुपए कमा रहे हैं। पाटीदार बताते हैं कि जून में पौधे लगाए थे और अब फल आने लगे हैं। ड्रेगन फ्रूट की खेती मुख्य रूप से मैक्सिको और मध्य एवं दक्षिण अमेरिका के उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों का मूल फल है। वर्तमान में यह वियतनाम, थाईलैंड, चीन और भारत सहित कई गर्म देशों में बड़े पैमाने पर उगाया जाता है। इस फल की खासियत यह है कि यह पाचन को बेहतर बनाता है और इसमें भरपूर मात्रा में डाइटरी फाइबर होता है। यह शरीर में इम्युनिटी बढ़ाने में भी मदद करता है। ड्रेगन फ्रूट का सेवन डायबिटीज और पाचन संबंधी समस्याओं में फायदेमंद माना जाता है। इसमें मौजूद फाइबर खून में शुगर की रफ्तार को अचानक बढ़ने से रोकता है। ताजपुर के किसान विष्णु पाटीदार ने इसकी खेती को लेकर अधिकांश जानकारी सोशल मीडिया से प्राप्त की। उन्होंने पौधे ऑनलाइन मंगवाए और खेती की शुरुआत की। उज्जैन जनपद के सीईओ संदीप यादव द्वारा इस खेती को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीणों को मार्गदर्शन मिल रहा है। सरपंच मांगीलाल मालवीय ने इसे मां की बगिया अभियान का हिस्सा करार दिया है। ड्रेगन फ्रूट की मंडी में कीमत 150 रुपए प्रति किलो मिल रही है। औसतन प्रति बीघा में एक से दस क्विंटल से अधिक उत्पादन होता है। किसान पाटीदार का कहना है कि एक वर्ष में एक पौधे से 5-6 बार फल लिए जा सकते हैं। यह खेती किसानों के लिए एक नई संभावना लेकर आई है। पाटीदार और उनके परिवार के सदस्य अब इस खेती से होने वाले मुनाफे का आनंद ले रहे हैं। इससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। ड्रेगन फ्रूट की खेती ने ताजपुर के किसानों में उत्साह भर दिया है। यह एक नई किस्म की खेती है जो उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बना रही है। अंततः, ड्रैगन फ्रूट की खेती ने ताजपुर के किसानों को नई दिशा दिखाई है और यह साबित कर दिया है कि नई तकनीक और जानकारी के साथ खेती में सफलता संभव है।
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रायपुर में देखी गई खेती के बाद ताजपुर में ड्रैगन फ्रूट की शुरुआत
28 सितंबर 2026 को 11:04 pm बजे

रायपुर में देखी गई खेती के बाद ताजपुर में ड्रैगन फ्रूट की शुरुआत
