नक्सलवाद उन्मूलन के बाद अब 2029 तक नशा मुक्त बनेगा मध्य प्रदेश, पुलिस अकादमी में बनेंगे नए भवन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्य प्रदेश पुलिस अकादमी, भौंरी में 44वें और 45वें बैच के उप-पुलिस अधीक्षकों के दीक्षांत परेड समारोह को संबोधित करते हुए युवा पुलिस अधिकारियों से सोशल मीडिया पर रील बनाने के बजाय वास्तविक समस्याओं को सुलझाने पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों को आम नागरिकों, विशेषकर गरीबों, महिलाओं और बच्चों की मदद के लिए देवदूत की तरह कार्य करना चाहिए, ताकि समाज में उनका सम्मान हो। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 12 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले ऑडिटोरियम, विद्युत सब-स्टेशन और एप्रोच रोड की भी घोषणा की। मध्य प्रदेश पुलिस ने दस्यु उन्मूलन के बाद नक्सलवाद को समाप्त कर देश में एक कीर्तिमान स्थापित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को पूरा करते हुए, मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बना जिसने निर्धारित समय-सीमा से पहले नक्सलवाद को समाप्त किया। अब प्रदेश को वर्ष 2029 तक नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने अवैध शराब के कारोबार और शराब माफिया के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में पुलिस विभाग में 17 हजार 710 पदों पर भर्ती की गई है, और कुल 22 हजार 500 पदों पर भर्ती का लक्ष्य है। उन्होंने यह भी बताया कि नक्सल विरोधी अभियानों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 60 से अधिक पुलिसकर्मियों को आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन दिया गया है, जिससे पुलिस बल में उत्साह का माहौल है। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने बताया कि वर्ष 2014 से डीएसपी स्तर के अधिकारियों का प्रशिक्षण भौंरी पुलिस अकादमी में कराया जा रहा है। इस बार 48 अधिकारियों ने प्रशिक्षण पूरा किया है, जिनमें 20 महिला अधिकारी शामिल हैं। पहली बार रेडियो संवर्ग के डीएसपी स्तर के अधिकारियों को भी प्रशिक्षित किया गया है, जो पुलिस की तकनीकी क्षमताओं और साइबर अपराधों से मुकाबले को मजबूती देंगे। मकवाना ने कहा कि अपराध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और साइबर व डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग से पुलिस के सामने नई चुनौतियां उत्पन्न हुई हैं। उन्होंने कहा कि सायबर अपराधों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सायबर थानों, सायबर हेल्प डेस्क, सायबर फॉरेंसिक और सायबर हेल्पलाइन जैसी सुविधाओं को मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने युवा पीढ़ी में नशे के बढ़ते चलन को भी एक गंभीर चुनौती बताया और कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस ने 'नशे से दूरी है जरूरी' अभियान के तहत कार्रवाई की है।
