यह हादसा सुरही गांव में हुआ
दमोह जिले के हिंडोरिया थाना क्षेत्र के सुरही गांव में रविवार सुबह एक तीन साल के बच्चे की ई-रिक्शा पलटने से दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा तब हुआ जब बच्चा घर के बाहर खड़े ई-रिक्शा में अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। खेलते-खेलते रिक्शा अचानक आगे बढ़ गया और पलट गया, जिससे मासूम उसके नीचे दब गया। गंभीर रूप से घायल होने के बाद परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल के अंदर बच्चे के परिजन विलाप करते हुए नजर आए, जिनका दुख शब्दों में बयां करना मुश्किल था। मृतक बच्चे की पहचान अजीत पिता देवेंद्र अहिरवार के रूप में हुई है, जो महज़ तीन साल का था। जानकारी के अनुसार, अजीत अपने घर के बाहर खड़े ई-रिक्शा में अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान, खेलते-खेलते रिक्शा अनियंत्रित होकर आगे बढ़ गया और पलट गया। इस हादसे में अजीत रिक्शा के नीचे दब गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके परिजनों ने तत्काल रिक्शा हटाकर उसे बाहर निकाला और फौरन हिंडोरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक जांच के बाद अजीत की गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही बच्चे की मौत हो चुकी थी, जैसा कि डॉक्टरों ने बाद में पुष्टि की। जिला अस्पताल पहुंचने पर अजीत को बेहोशी की हालत में लाया गया था। प्रारंभिक जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना की सूचना मिलते ही हिंडोरिया पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज किए और घटना के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू की। पंचनामा की कार्रवाई पूरी की गई और शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने इस संबंध में मर्ग कायम कर लिया है और आगे की कार्रवाई जारी है। यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यह दुखद हादसा बच्चों की सुरक्षा और ई-रिक्शा जैसे वाहनों के सुरक्षित संचालन पर भी सवाल उठाता है। खेल-खेल में हुई इस घटना ने एक हंसते-खेलते परिवार को हमेशा के लिए तोड़ दिया है। अजीत की मौत ने माता-पिता के सपनों को चकनाचूर कर दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे बार-बार यही कह रहे हैं कि उनका बच्चा अब कभी वापस नहीं आएगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के हादसे दोबारा न हों, इसके लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए।
