भोपाल में इस वर्ष आयोजित होने वाले अखिल भारतीय कालिदास समारोह के लिए देशभर से 90 से अधिक कलाकारों ने एंट्रियां भेजी हैं। परंपरानुसार यह समारोह देव प्रबोधिनी एकादशी पर शुरू होता है, जो इस वर्ष 21 से 27 नवंबर तक चलेगा। गोविंद गंधे, निदेशक, कालिदास संस्कृत अकादमी ने बताया कि इस वर्ष विभिन्न राज्यों से कलाकारों ने अपने-अपने प्रस्ताव भेजे हैं। मप्र के शहरों के अलावा इम्फाल (मणिपुर), नई दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, रायपुर, पुणे, वाराणसी, असम और हरियाणा के कलाकारों ने भी कथक नृत्य के लिए एंट्रियां भेजी हैं। गायन के क्षेत्र में भी कई नामी कलाकारों ने उत्साहपूर्वक एंट्रियां भेजी हैं। उज्जैन के अलावा पुणे, रीवा, ग्वालियर, बैंगलुरु, नई दिल्ली, इंदौर, कोलकाता और आंध्र प्रदेश के कलाकारों ने गायन की विधा में भाग लेने के लिए प्रस्ताव दिए हैं। इस समारोह में नृत्य, गायन, वादन, नाटक आदि विधाओं में ख्यात कलाकारों द्वारा प्रस्तुतियां दी जाती हैं। हर वर्ष की तरह, इस बार भी देशभर के कलाकारों में इस समारोह के प्रति गहरी रुचि देखी जा रही है। अखिल भारतीय कालिदास समारोह में प्रस्तुतियों के लिए सबसे अधिक एंट्रियां कथक नृत्य की आई हैं। इस वर्ष सर्वाधिक 32 प्रस्ताव कथक नृत्य के लिए प्राप्त हुए हैं, जो इस नृत्य शैली की लोकप्रियता को दर्शाता है। कालिदास अकादमी ने इस वर्ष कुल 96 कलाकारों के प्रस्ताव प्राप्त किए हैं। इन प्रस्तावों को भोपाल में केंद्रीय समिति की बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा, जहां अंतिम निर्णय लिया जाएगा। आगामी बैठक में सभी कलाकारों के प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा। यह बैठक भोपाल में होगी, जहां सभी प्राप्त प्रस्तावों को स्थानीय समिति के समक्ष रखा जाएगा। समारोह के आयोजकों ने सभी कलाकारों से प्राप्त प्रस्तावों पर ध्यान देने का आश्वासन दिया है। इस बार कलाकारों के बीच प्रतिस्पर्धा काफी उत्साहजनक है। इस वर्ष समारोह में विभिन्न नृत्य शैलियों के साथ-साथ गायन की विधा में भी प्रस्तुतियां देखने को मिलेंगी। आयोजकों का मानना है कि इस बार का समारोह पहले से अधिक भव्य होगा। समारोह में भाग लेने वाले कलाकारों की पहचान और उनके कार्य को भी महत्वपूर्ण माना जाएगा। प्रत्येक कलाकार को उनकी कला के लिए उचित मंच प्रदान किया जाएगा। समारोह के आयोजन से कला और संस्कृति को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे देशभर में सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा मिलेगा। इस समारोह का उद्देश्य न केवल कलाकारों को एक मंच प्रदान करना है, बल्कि कला और संस्कृति के प्रति जागरूकता फैलाना भी है। अखिल भारतीय कालिदास समारोह इस बार भी कला प्रेमियों के लिए एक आकर्षण का केंद्र बनेगा। सभी कलाकार उत्सुकता से इस समारोह का हिस्सा बनने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
समाचार
इस वर्ष के अखिल भारतीय कालिदास समारोह में 90 से अधिक कलाकारों ने भेजी एंट्रियां, समारोह की तारीखें तय
28 सितंबर 2026 को 11:04 pm बजे

इस वर्ष के अखिल भारतीय कालिदास समारोह में 90 से अधिक कलाकारों ने भेजी एंट्रियां, समारोह की तारीखें तय
