98 स्थानीय, 87 दूसरे राज्यों के लोग
उज्जैन पुलिस ने दिवाली के मद्देनजर लोगों को बड़ी राहत देते हुए 522 गुम मोबाइल उनके असली मालिकों को लौटा दिए हैं। इन मोबाइल की अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ रुपये बताई गई है। खास बात यह है कि लौटाए गए मोबाइल में 98 लोग उज्जैन जिले के थे, जबकि 87 लोग दूसरे राज्यों के रहने वाले थे। ये सभी मोबाइल उज्जैन आने के दौरान या यहां से गुजरते वक्त गुम हो गए थे। दिवाली से ठीक पहले अपने खोए हुए फोन वापस पाकर लोगों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई। पुलिस ने इन मोबाइल को तकनीकी सहायता और आईटी सेल व साइबर टीम की मदद से ट्रेस कर बरामद किया है। एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक पुलिस 928 मोबाइल बरामद कर चुकी है, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 1.73 करोड़ रुपये है। उन्होंने बताया कि पुलिस की आईटी सेल और साइबर टीम ने सीईआईआर पोर्टल, आईएमईआई नंबर और अन्य तकनीकी जानकारियों का इस्तेमाल कर इन मोबाइल को ट्रैक किया। इसके बाद, संबंधित जिलों और राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर इन मोबाइल को सफलतापूर्वक बरामद किया गया। यह कार्रवाई लोगों के बीच पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाती है। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023 से अब तक 2,560 गुम मोबाइल बरामद किए जा चुके हैं और उन्हें उनके मालिकों को लौटाया गया है। इन सभी मोबाइल की कुल अनुमानित कीमत 5.05 करोड़ रुपये है। यह एक बड़ी उपलब्धि है जो दिखाती है कि पुलिस खोए हुए सामान को वापस दिलाने के लिए कितनी गंभीर है। इस बीच, उज्जैन की एक महिला मोबाइल मिलने पर भावुक हो गई। एसपी ने बताया कि महिला का मोबाइल अगस्त के अंत में उज्जैन में ही गुम हुआ था। जब उसे उसका मोबाइल वापस मिला तो वह खुशी से रो पड़ी। यह घटना बताती है कि लोगों के लिए उनके मोबाइल कितने महत्वपूर्ण होते हैं और उन्हें वापस पाकर कितनी राहत मिलती है। पुलिस ने यह भी बताया कि इस साल 57 नागरिकों ने गुम मोबाइल मिलने पर ईमानदारी दिखाते हुए उन्हें थाने या साइबर सेल में जमा कराया। पुलिस इन ईमानदार नागरिकों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित करेगी। यह कदम समाज में ईमानदारी और सहयोग की भावना को बढ़ावा देगा। यह पूरी प्रक्रिया पुलिस की कार्यकुशलता और आधुनिक तकनीक के उपयोग को दर्शाती है। खोए हुए मोबाइल को ढूंढना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है, लेकिन उज्जैन पुलिस ने इसे सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। दिवाली से पहले यह तोहफा लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं था। इस तरह की कार्रवाई से न केवल लोगों को उनका कीमती सामान वापस मिलता है, बल्कि यह भी संदेश जाता है कि पुलिस जनता की सुरक्षा और सहायता के लिए तत्पर है। उज्जैन पुलिस ने साबित किया है कि वे तकनीक का उपयोग करके जनता की समस्याओं का समाधान करने में सक्षम हैं।

