नगर पालिका व एनएचएआई की टीम ने 5 निराश्रित गोवंश पकड़े, जिन्हें जय बागेश्वर धाम गौशाला भेजा गया
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के स्पष्ट निर्देशों के बाद, नगर पालिका और एनएचएआई की एक संयुक्त टीम ने शहर में एक बड़ी कार्रवाई की। इस टीम ने कलेक्ट्रेट के सामने और होमगार्ड ग्राउंड, सिविल वार्ड क्रमांक-7 जैसे संवेदनशील इलाकों से कुल 5 निराश्रित गोवंश को पकड़ा। यह कार्रवाई इन बेसहारा पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और शहरी क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के दोहरे उद्देश्य से की गई थी। पकड़े गए सभी गोवंश को सुरक्षित रूप से मारूताल स्थित जय बागेश्वर धाम गौशाला में पहुंचाया गया, जहाँ उनकी उचित देखभाल की जाएगी। यह कदम शहर को आवारा पशुओं से मुक्त कराने और नागरिकों को सुरक्षित यातायात प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस पूरी कार्रवाई की योजना और क्रियान्वयन कलेक्टर प्रताप नारायण यादव की दूरदर्शिता का परिणाम था। उन्होंने शहर में बढ़ती हुई निराश्रित गोवंश की समस्या को गंभीरता से लिया था और इसके समाधान के लिए तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए थे। उनके निर्देशों के अनुपालन में, नगर पालिका और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों ने मिलकर एक संयुक्त टीम का गठन किया। इस टीम ने शहर के उन प्रमुख स्थानों की पहचान की जहाँ गोवंश विचरण करते पाए जाते थे। कलेक्ट्रेट के आसपास का क्षेत्र और होमगार्ड ग्राउंड जैसे इलाके विशेष रूप से निगरानी में रखे गए थे। कलेक्ट्रेट के सामने तथा होमगार्ड ग्राउंड और सिविल वार्ड क्रमांक-7 से पकड़े गए 5 निराश्रित गोवंश को सुरक्षित जय बागेश्वर धाम गौशाला, मारूताल पहुंचाया गया। इनमें से कई पशु घायल अवस्था में थे या उन्हें भोजन और पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा था। उनकी दयनीय स्थिति को देखते हुए, उन्हें तत्काल सुरक्षित स्थान पर ले जाने की आवश्यकता थी। संयुक्त टीम ने इन पशुओं को पकड़ने के लिए विशेष उपकरणों और तकनीकों का इस्तेमाल किया ताकि उन्हें कोई चोट न पहुंचे। यह सुनिश्चित किया गया कि पूरी प्रक्रिया मानवीय तरीके से संपन्न हो। पकड़े गए सभी गोवंश को मारूताल स्थित जय बागेश्वर धाम गौशाला में स्थानांतरित कर दिया गया है। यह गौशाला शहर की एक प्रतिष्ठित संस्था है जो निराश्रित पशुओं के संरक्षण और देखभाल के लिए जानी जाती है। गौशाला प्रबंधन को इन पशुओं के लिए पर्याप्त भोजन, पानी और आश्रय की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
