उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत चल रहे सड़क चौड़ीकरण के कार्यों में देरी अब ठेकेदारों को भारी पड़ने लगी है। निर्माण कार्यों की धीमी गति और लापरवाही पर नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने मंगलवार को सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित ठेकेदारों पर कुल 45 लाख रुपए की पेनल्टी लगाने के निर्देश दिए। इसके अलावा पाइपलाइन डालने में लापरवाही पर टाटा कंपनी पर 20 लाख रुपए और ड्राइंग-डिजाइन उपलब्ध नहीं कराने पर कंसल्टेंट पर 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। मंगलवार को आयुक्त ने अधिकारियों के साथ शहर के प्रमुख सड़क चौड़ीकरण मार्गों का निरीक्षण किया। इस दौरान कहीं भवनों की तुड़ाई धीमी मिली तो कहीं नाली निर्माण में देरी और जरूरी संसाधनों की कमी सामने आई। आयुक्त ने ठेकेदारों को अतिरिक्त श्रमिक और मशीनें लगाकर काम की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिंहस्थ के लिए हो रहे निर्माण कार्यों में देरी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नीलकंठ से महाकाल मार्ग पर 21 लाख की कार्रवाई की गई। नीलकंठ से महाकाल चौराहे तक करीब 11 करोड़ रुपए की लागत से 370 मीटर लंबे मार्ग को 24 मीटर चौड़ा किया जा रहा है। यहां भवनों की तुड़ाई धीमी मिलने और मलबा नहीं हटाने पर ठेकेदार योगेश इंटरप्राइजेस पर 20 लाख रुपए की पेनल्टी लगाई गई। वहीं, ड्राइंग-डिजाइन उपलब्ध नहीं कराने पर कंसल्टेंट टेक्नोजेम पर 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। आयुक्त ने मलबा हटाकर 100 मीटर नाली निर्माण का काम पूरा करने के निर्देश दिए। दानीगेट मार्ग पर भी ठेकेदार पर 25 लाख का जुर्माना लगाया गया। रामानुज कोट से दानीगेट तक 470 मीटर लंबे और 18 मीटर चौड़े मार्ग के निर्माण में भी धीमी गति सामने आई। नाली और बाउंड्रीवॉल निर्माण के दौरान जरूरी सामग्री उपलब्ध नहीं होने पर ठेकेदार विजय इंफ्रा पर 25 लाख रुपए की पेनल्टी लगाई गई। इसी मार्ग पर नाले की क्रॉसिंग के दौरान 1600 एमएम की पाइपलाइन नहीं डालने पर टाटा कंपनी पर 20 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। 24 खंभा से हरसिद्धि पाल तक भी गति बढ़ानी होगी। आयुक्त ने 24 खंबा से हरसिद्धि पाल तक चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य का भी निरीक्षण किया। यहां करीब 650 मीटर लंबे और 18 मीटर चौड़े मार्ग पर शेष भवनों की तुड़ाई जल्द पूरी करने के निर्देश दिए। नाली निर्माण में प्री-कास्ट तकनीक अपनाने के साथ नल कनेक्शन और अन्य जरूरी काम गुणवत्ता के साथ पूरे करने को कहा गया। आयुक्त ने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति की निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए सड़क निर्माण समय पर पूरा होना जरूरी है। कुल मिलाकर, उज्जैन में सिंहस्थ की तैयारियों के तहत चल रहे निर्माण कार्यों में लापरवाही बरतने वाले 2 ठेकेदारों समेत 4 पर कार्रवाई की गई है, जिनसे कुल 45 लाख रुपए की पेनल्टी वसूली जाएगी।
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सिंहस्थ कार्यों में लापरवाही: उज्जैन में 45 लाख का जुर्माना
3 नवंबर 2026 को 9:57 pm बजे

सिंहस्थ कार्यों में लापरवाही: उज्जैन में 45 लाख का जुर्माना
