छिंदवाड़ा में लोकायुक्त की टीम ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित आदिवासी विकास विभाग के कर्मचारी ललित अहिरवार को 4 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा। आरोपी ने यह रकम एक लिफाफे में रखकर कूलर के नीचे छिपा दी थी, जिसे लोकायुक्त टीम ने बरामद कर लिया। केमिकल टेस्ट में आरोपी के हाथों पर रंग लग गया, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हुई। शिकायतकर्ता सौरभ मिश्रा ने बताया कि नवेगांव में छात्रावास की बाउंड्रीवॉल निर्माण के लिए जारी टेंडर प्रक्रिया में उनकी 28 हजार रुपए की ईएमडी (अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट) राशि लौटाई जानी थी। आरोप है कि यह राशि वापस दिलाने के बदले ललित अहिरवार ने 4 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, पिछले करीब डेढ़ महीने से ईएमडी राशि के लिए उन्हें परेशान किया जा रहा था। इस संबंध में करीब एक महीने पहले भी बातचीत हुई थी, जिसके बाद उन्होंने लोकायुक्त से शिकायत दर्ज कराई थी। लोकायुक्त टीम ने शिकायत की पुष्टि होने के बाद मंगलवार को यह कार्रवाई की। उन्होंने ट्रैप लगाकर आरोपी कर्मचारी को रिश्वत लेते पकड़ा। आदिवासी विकास विभाग में टेंडर प्रक्रिया में 52 में से 24 टेंडर पिछले छह महीनों में निरस्त किए गए थे। फिलहाल लोकायुक्त की टीम कलेक्ट्रेट स्थित ट्राइबल विभाग में दस्तावेजों की जांच कर रही है। आगे की वैधानिक कार्रवाई भी की जा रही है।
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कलेक्ट्रेट में 4 हजार की रिश्वत लेते कर्मचारी पकड़ाया
3 नवंबर 2026 को 9:57 pm बजे

कलेक्ट्रेट में 4 हजार की रिश्वत लेते कर्मचारी पकड़ाया
