नरेंद्र के शव के पास मिली नींद की दवा की 2 स्ट्रिप, एक खाली, 10 गोलियों की आशंका
भोपाल के छोला मंदिर थाना क्षेत्र के मालीखेड़ी में एक ही परिवार के चार सदस्यों की हत्या और परिवार के मुखिया नरेंद्र की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट से अहम जानकारी सामने आई है। घर में मिले नरेंद्र की मां, पत्नी और दोनों बच्चों की मौत अत्यधिक खून बहने के कारण हुई। चारों के गले पर धारदार हथियार से वार के निशान मिले थे, साथ ही सिर पर भी चोटें पाई गई थीं। वहीं, रेलवे ट्रैक पर मिले नरेंद्र के शव के पास दवा की दो स्ट्रिप मिली हैं, जिनमें से एक पूरी तरह खाली है। पुलिस अब दवा खाने और घर से निकलने के बाद नरेंद्र के घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पुलिस को नरेंद्र के शव के पास दवा की दो स्ट्रिप मिली हैं। इनमें से एक स्ट्रिप पूरी तरह खाली है, जिसमें 10 गोलियां थीं। दूसरी स्ट्रिप में भी गोलियां होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस को आशंका है कि नरेंद्र ने इन गोलियों को खाया हो सकता है, लेकिन खाली स्ट्रिप मिलने से यह पुष्टि नहीं होती कि उसने सभी गोलियां खाई थीं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दवा को शुरुआती तौर पर नींद की दवा बताया जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। दवा को चिकित्सकीय जांच के लिए भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही इसकी श्रेणी और सेवन से जुड़े साक्ष्य स्पष्ट हो सकेंगे। पुलिस यह भी जांच रही है कि नरेंद्र ने घर से निकलने से पहले दवा खाई थी या नहीं और यदि खाई थी तो कितनी मात्रा में। सीसीटीवी फुटेज में नरेंद्र सुबह करीब 8:50 बजे बुलेट लेकर घर से निकलता दिखाई दिया था। बाद में उसका शव रेलवे ट्रैक पर मिला। पुलिस अब घर से निकलने और शव मिलने के बीच के घटनाक्रम की जांच कर रही है। उसकी कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के जरिए आखिरी बातचीत और संपर्क में रहे लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस की शुरुआती जांच में नरेंद्र पर कर्ज और आर्थिक परेशानी होने की बात सामने आई थी। परिजनों के मुताबिक वह पहले आस्था के पास एक रिसोर्ट में शेफ के तौर पर काम करता था। इससे पहले उसने छोटा रेस्टोरेंट भी शुरू किया था, लेकिन वह बंद हो गया था। वह पिछले 15-20 दिनों से काम नहीं कर रहा था। पुलिस अब उसके कर्ज की रकम, लेनदारों और आर्थिक स्थिति की जानकारी जुटा रही है। हालांकि, परिवार के चार सदस्यों की हत्या के पीछे कर्ज ही वजह था, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। घटना के बाद पुलिस ने घर से चारों शव बरामद किए थे। दोपहर करीब 2:15 बजे फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। शाम करीब 4:10 से 4:15 बजे के बीच चारों शव हमीदिया अस्पताल की मर्चुरी भेजे गए थे। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों और नरेंद्र के शव के पास मिली दवा की जांच के आधार पर आगे बढ़ रही है। अब सबसे अहम सवाल घर के अंदर हुई वारदात और नरेंद्र के रेलवे ट्रैक तक पहुंचने के बीच की कड़ियों को जोड़ना है। मालीखेड़ी में सोमवार को असिस्टेंट लोको पायलट के किराए के घर में एक ही परिवार के 4 लोगों की लाश मिली है।
