बाजार खुलने से व्यापारियों को मिली राहत, लेकिन ग्राहकों की चहल-पहल कम, 30 से अधिक दुकानें अभी भी बंद
आठ दिनों के बंद के बाद मध्य प्रदेश के उज्जैन में सोमवार को बाजारों में फिर से रौनक लौटने लगी। हालांकि, शाई मस्जिद के पास अभी भी बैरिकेडिंग और पुलिस की तैनाती जारी है, जिससे कई रास्तों पर आवाजाही प्रतिबंधित है। 28 सितंबर को हुए विवाद के बाद इन बाजारों को बंद कर दिया गया था, जिससे व्यापारियों को 30-35 करोड़ रुपये के व्यापारिक नुकसान का अनुमान है। प्रशासन ने अधिकांश इलाकों से बैरिकेड हटा दिए हैं, जिससे पैदल चलने वालों को राहत मिली है। कंथाल चौराहा, सतीगेट और सराफा के बड़े हिस्से फिर से खुल गए हैं। इन बाजारों में 300 से 500 मीटर के दायरे में 250 से अधिक दुकानें और घर प्रभावित हुए थे। पटनी बाजार-गोपाल मंदिर-कुंवारी मार्ग भी फिर से खुल गया है, लेकिन गोपाल मंदिर-छत्री चौक मार्ग अभी भी बंद है। इस वजह से 30 से ज्यादा व्यापारियों की दुकानें अभी भी बंद हैं। व्यापारियों को उम्मीद है कि त्योहारी सीजन से पहले सामान्य आवाजाही बहाल हो जाएगी, जिससे व्यापार में सुधार होगा। रोजाना मजदूरी करने वाले श्रमिकों को भी बाजारों के खुलने से थोड़ी राहत मिली है। हालांकि, जारी बैरिकेडिंग और आवाजाही पर लगी पाबंदियों के कारण ग्राहकों की चहल-पहल अभी भी कम है। व्यापारियों ने दुकानें साफ करनी शुरू कर दी हैं और सामान व्यवस्थित कर रहे हैं। कंथाल्-खाड़े हनुमान मंदिर रोड फिर से खुल गया है, लेकिन टाक्साली गणेश के आगे छत्री चौक की ओर जाने वाला हिस्सा अभी भी बंद है। लखेरवाड़ी-छत्री चौक मार्ग भी अवरुद्ध है। शाही मस्जिद के आसपास बैरिकेडिंग और पुलिस की तैनाती जारी है। कई मार्गों पर वाहनों की आवाजाही अभी भी प्रतिबंधित है।
