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खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार और बाजरा बेचने के लिए मध्य प्रदेश में अब तक तीन लाख से अधिक किसान पंजीयन करा चुके हैं। यह प्रक्रिया 10 अक्टूबर तक जारी रहेगी, जिसके लिए प्रदेशभर में 1100 पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार न करें और समय रहते अपना पंजीयन पूरा करा लें, ताकि खरीफ फसलों को समर्थन मूल्य पर बेचने में कोई परेशानी न हो। किसानों के पंजीयन की सुविधा ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, तहसील कार्यालय, सहकारी समितियों और विपणन संस्थाओं में निश्शुल्क उपलब्ध कराई गई है। पंजीयन के दौरान आधार वेरिफिकेशन अनिवार्य है। इन किसानों का पंजीयन केवल सहकारी समितियों के केंद्रों पर किया जाएगा। वहीं, सिकमी, बटाईदार, कोटवार और वन पट्टाधारी किसानों के लिए पंजीयन की व्यवस्था अलग रखी गई है। सबसे अधिक पंजीयन जबलपुर संभाग में 1 लाख 47 हजार 824 किसानों ने कराया है। भोपाल सहित प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी किसान अपनी उपज बेचने के लिए पंजीयन करा रहे हैं। सरकार ने समर्थन मूल्य पर किसानों की उपज खरीदने की तैयारी पूरी कर ली है। किसानों के लिए यह पंजीयन प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा। पंजीयन के लिए 10 अक्टूबर अंतिम तिथि है। इसके अलावा किसान एमपी ऑनलाइन, कॉमन सर्विस सेंटर, लोक सेवा केंद्र और निजी साइबर कैफे के माध्यम से भी पंजीयन करा सकते हैं। इन केंद्रों पर अधिकतम 50 रुपये शुल्क निर्धारित है। सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार न करें और समय रहते अपना पंजीयन पूरा करा लें, ताकि खरीफ फसलों को समर्थन मूल्य पर बेचने में किसी तरह की परेशानी न हो। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से निर्धारित समय सीमा में पंजीयन कराने की अपील की है।
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