कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में 244 आवेदनों पर सुनवाई हुई
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने जनसुनवाई में प्राप्त 244 आवेदनों पर समय-सीमा में निराकरण के निर्देश दिए
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कलेक्टर कार्यालय के कक्ष क्रमांक 10 (व्यारमा) में आयोजित जनसुनवाई में जिले के दूरदराज क्षेत्रों से आये आवेदकों की समस्याओं को बड़े ही धैर्य और संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने प्रत्येक आवेदक की बात ध्यानपूर्वक सुनी और उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास किया, ताकि उनका उचित निराकरण सुनिश्चित किया जा सके। यह जनसुनवाई आम जनता की शिकायतों और सुझावों को सीधे प्रशासन तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनी। इस जनसुनवाई के दौरान, सामान्य जनसुनवाई में कुल 244 आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर यादव ने संबंधित अधिकारियों को इन सभी आवेदनों पर तत्काल ध्यान देने और समय-सीमा के भीतर इनका प्रभावी ढंग से निराकरण करने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी आवेदन को लंबित न रखा जाए और प्रत्येक नागरिक की समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। यह सुनिश्चित करेगा कि सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचे। जनसुनवाई के साथ-साथ, एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें 172 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। यह शिविर नागरिकों के स्वास्थ्य के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान, विभिन्न बीमारियों के शुरुआती लक्षणों का पता लगाने और समय पर उपचार प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। इसके अतिरिक्त, 24 आधार अपडेशन से संबंधित कार्य भी सुचारू रूप से संपन्न हुए, जिससे नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ उठाने में आसानी हुई। जनसुनवाई के दौरान कुछ सामूहिक आवेदन भी प्रस्तुत किए गए, जो किसी विशेष क्षेत्र या समूह की साझा समस्याओं को उजागर करते हैं। ऐसे सामूहिक आवेदनों पर विशेष ध्यान देने और उनके मूल कारणों का पता लगाकर स्थायी समाधान खोजने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि वे केवल व्यक्तिगत शिकायतों का ही नहीं, बल्कि व्यापक जनहित से जुड़े मुद्दों का भी समाधान करें। इन सामूहिक आवेदनों में विभिन्न विकास कार्यों, सार्वजनिक सुविधाओं और अन्य सामुदायिक मुद्दों से संबंधित शिकायतें शामिल हो सकती हैं। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रवीण फुलपगारे भी उपस्थित रहे। उन्होंने जनसुनवाई के दौरान प्राप्त आवेदनों के संबंध में आवश्यक जानकारी प्रदान की और संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी उपस्थिति ने यह सुनिश्चित किया कि प्राप्त आवेदनों पर जिला पंचायत स्तर पर भी उचित कार्रवाई की जा सके। अपर कलेक्टर राकेश मोहन त्रिपाठी ने जनसुनवाई की व्यवस्थाओं की देखरेख की और यह सुनिश्चित किया कि सभी प्रक्रियाएं सुचारू रूप से चलें। उन्होंने आवेदकों की सुविधा का भी ध्यान रखा और यह सुनिश्चित किया कि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। त्रिपाठी ने प्राप्त आवेदनों के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया, ताकि समय पर और प्रभावी समाधान निकाला जा सके। उपखंड मजिस्ट्रेट (एसडीएम) संजय दुबे ने भी जनसुनवाई में सक्रिय रूप से भाग लिया। उन्होंने अपने अधिकार क्षेत्र से संबंधित मामलों को सुना और उन पर त्वरित कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। एसडीएम दुबे ने विशेष रूप से उन समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया जिनका संबंध सीधे स्थानीय नागरिकों के जीवन स्तर से था, और उनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया। उप कलेक्टर ब्रजेश सिंह ने जनसुनवाई के दौरान विभिन्न प्रशासनिक पहलुओं पर अपनी विशेषज्ञता प्रदान की। उन्होंने प्राप्त आवेदनों के वर्गीकरण और उनके शीघ्र निपटान के लिए एक व्यवस्थित प्रक्रिया बनाए रखने में सहायता की। सिंह ने यह भी सुनिश्चित किया कि सभी प्राप्त आवेदनों को संबंधित विभागों तक सही ढंग से पहुंचाया जाए और उनकी प्रगति पर नियमित रूप से निगरानी रखी जाए। उप कलेक्टर रचना प्रजापति ने महिला एवं बाल विकास तथा अन्य सामाजिक कल्याण से संबंधित मामलों पर विशेष ध्यान दिया।
