सड़क चौड़ीकरण अभियान के तहत 323 मकान हटाए गए
मध्य प्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ महाकुंभ 2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण का काम तेजी से चल रहा है। इस कार्य में कुल 12 धर्मस्थल प्रभावित हो रहे हैं। प्रशासन ने सड़क चौड़ीकरण के लिए 15 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण करने का निर्णय लिया है। प्रशासन ने निर्णय लिया कि कई प्राचीन मंदिरों को तोड़ने के बजाय सुरक्षित तरीके से पीछे शिफ्ट किया जाएगा। संकटमोचन हनुमान मंदिर, शिव मंदिर और गणेश मंदिर को करीब 9 फीट पीछे किया गया है। इस कार्य के लिए मंदिरों के पुजारियों ने प्रशासन के अनुरोध पर आपसी सहमति और स्वेच्छा से सहयोग किया है। इस अभियान के तहत सड़क के रास्ते में आ रहे मकानों और धार्मिक स्थलों को हटाया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन और मुस्लिम समाज के लोग मौके पर पहुंचकर कार्रवाई में सहयोग कर रहे हैं। प्रशासन ने कहा कि हालात शांत और नियंत्रण में हैं। कलेक्टर रोशन सिंह ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि अब इस मार्ग पर मुख्य रूप से खड़े हनुमान मंदिर और शाही मस्जिद का हिस्सा शेष है। प्रशासन ने शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने का काम सहमति के बाद शुरू किया है। पुलिस का घुड़सवार दस्ता भी गश्त कर रहा है। मस्जिद के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन की ओर से अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की गई है। सड़क चौड़ीकरण का कार्य कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क पर किया जा रहा है। इस परियोजना की जद में कुल 323 मकान आए हैं, जिन्हें सड़क विस्तार के लिए हटाया गया है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील की है। धार्मिक स्थलों के सुरक्षित स्थानांतरण ने स्थानीय समुदाय में सकारात्मक प्रतिक्रिया उत्पन्न की है। लोग अब सड़क चौड़ीकरण के काम को लेकर अधिक जागरूक हो गए हैं और प्रशासन के साथ सहयोग कर रहे हैं। इस परियोजना का उद्देश्य सिंहस्थ महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए बेहतर यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना है। प्रशासन ने वादा किया है कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सर्वोपरि होगी। सड़क चौड़ीकरण के इस कार्य के पूरा होने के बाद, उज्जैन में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा।
