पुलिस ने 5 लोगों को नामजद किया, जिनमें गोरखपुर और पश्चिम चम्पारण के निवासी शामिल हैं
गिरफ्तार युवक ने बताया कि वे पहले भी असली नोट देकर जाली नोट ले चुके हैं और इस बार 20 लाख के बदले 80 लाख का सौदा था
पूर्वी चम्पारण जिले के हरसिद्धि थाना क्षेत्र में मानिकपुर के पास पुलिस ने 20 लाख रुपये की नकदी के साथ उत्तर प्रदेश के एक युवक को गिरफ्तार किया है। इस मामले में पुलिस ने रविवार को डायल 112 के जमादार ब्रह्मदेव पासवान के लिखित बयान के आधार पर पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। गिरफ्तार युवक की पहचान बरहलगंज, गोरखपुर निवासी हरेराम शाही के बेटे रोहित कुमार शाही के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह 20 लाख रुपये की असली नकदी के बदले 80 लाख रुपये के जाली नोटों का लेन-देन करने की फिराक में था। नकली नोटों के इस बड़े कारोबार की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मानिकपुर के पास घेराबंदी की थी। इसी दौरान पुलिस ने रोहित कुमार शाही को रंगे हाथों पकड़ा। हालांकि, उसके तीन साथी फॉर्च्यूनर और नेक्सन कार में सवार होकर मौके से फरार होने में सफल रहे। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि फरार आरोपियों में विकास यादव, मनोज विश्वकर्मा और सोनू सिंह शामिल हैं, जो सभी गोरखपुर जिले के कोहरी गांव के रहने वाले हैं। पूछताछ के दौरान रोहित ने बताया कि वे पहले भी पश्चिम चम्पारण के बेलवा गांव निवासी अशोक मिश्रा से असली नोट देकर जाली नोट ले चुके हैं। इस गिरोह में प्रति चार करोड़ के कारोबार पर 80 लाख रुपये के मुनाफे की बात सामने आई है। रोहित ने यह भी खुलासा किया कि इस बार अशोक मिश्रा ने उसे 20 लाख रुपये के बदले 80 लाख रुपये के जाली नोट देने के लिए मोतिहारी बुलाया था। रोहित के अनुसार, मोतिहारी पहुंचने पर अशोक मिश्रा ने कहा कि पुलिस को इस लेन-देन की भनक लग गई है, इसलिए अब यह सौदा बेतिया में होगा। इसके बाद पुलिस ने मानिकपुर के पास जाल बिछाया और रोहित को पकड़ लिया। उसके साथी इसी दौरान दोनों कारों से भाग निकले। गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी से बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

