उज्जैन जिले ने नियमित टीकाकरण में प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है। अप्रैल से अगस्त के बीच हुए टीकाकरण में जिले का कवरेज 109 प्रतिशत रहा। इस उपलब्धि के पीछे स्वास्थ्य विभाग की टीमों का महत्वपूर्ण योगदान है, जिन्होंने घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया। टीकाकरण बच्चों को गंभीर बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करता है, जिनमें खसरा, पोलियो, डिप्थीरिया, काली खांसी और टिटनेस जैसी जानलेवा बीमारियाँ शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इस अभियान के तहत कई सत्र आयोजित किए, जिससे टीकाकरण का स्तर बढ़ा है। दस्तक अभियान के दौरान मैदानी कार्यकर्ताओं ने बच्चों और गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों की जांच की। उन्होंने मंगलवार और गुरुवार को नियमित टीकाकरण सत्रों के लिए पात्र हितग्राहियों को चिह्नित किया। जिले में दस्तक अभियान 18 अगस्त तक चला, जिसके तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचीं। इन टीमों ने बच्चों का टीकाकरण करने के साथ-साथ उनकी स्वास्थ्य स्थिति का भी मूल्यांकन किया। जिन बच्चों का कोई टीका छूट गया था, उनका फॉलोअप कर टीके लगाए गए। इस प्रकार, स्वास्थ्य विभाग ने सुनिश्चित किया कि कोई भी पात्र बच्चा या गर्भवती महिला टीकाकरण से वंचित न रहे। जिला टीकाकरण अधिकारी रवींद्रकुमार पाल ने इस अभियान की सफलता के बारे में बताया। उन्होंने कहा, "हमारा प्रयास है कि कोई भी पात्र बच्चा या गर्भवती टीकाकरण से वंचित न रहे। " टीकाकरण का यह अभियान न केवल बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है, बल्कि यह समाज के स्वास्थ्य को भी मजबूत बनाता है। इसके माध्यम से बच्चे गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रह सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार काम कर रही हैं, ताकि सभी बच्चों और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया जा सके। इसके साथ ही, आगामी सत्रों में और भी सुधार लाने के प्रयास किए जाएंगे। उज्जैन जिले में टीकाकरण का यह अभियान एक सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है। यह दर्शाता है कि कैसे स्वास्थ्य विभाग की मेहनत और टीमवर्क से बड़े लक्ष्यों को हासिल किया जा सकता है। इस अभियान के सफल संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग ने स्थानीय समुदाय के साथ मिलकर काम किया। समुदाय की भागीदारी ने टीकाकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाई और इसे सफल बनाने में मदद की। टीकाकरण का महत्व इस बात से भी समझा जा सकता है कि छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता पूरी तरह से विकसित नहीं होती। इसलिए, समय पर टीकाकरण करना अत्यंत आवश्यक है। स्वास्थ्य विभाग ने आने वाले समय में और अधिक टीकाकरण सत्र आयोजित करने की योजना बनाई है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि सभी बच्चे और गर्भवती महिलाएं टीकाकरण से लाभान्वित हों। टीकाकरण अभियान की सफलता से यह स्पष्ट होता है कि जब स्वास्थ्य विभाग और समुदाय मिलकर काम करते हैं, तो बड़े लक्ष्यों को हासिल किया जा सकता है।
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उज्जैन जिले का टीकाकरण कवरेज 109 प्रतिशत
28 सितंबर 2026 को 11:04 pm बजे

उज्जैन जिले का टीकाकरण कवरेज 109 प्रतिशत
