मध्य प्रदेश में शहरी आवास को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत गृह ऋण पर ₹1.80 लाख तक का ब्याज अनुदान दिया जाएगा। यह सुविधा 1 सितंबर 2024 से स्वीकृत एवं वितरित पात्र गृह ऋणों पर लागू होगी, साथ ही प्रत्येक शुक्रवार को नगरीय निकायों में विशेष क्रेता-विक्रेता शिविरों का आयोजन भी किया जाएगा
मध्य प्रदेश में शहरी क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत गृह ऋण पर ब्याज अनु - दान की एक नई योजना शुरू की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को लाभा - न्वित करना है। योजना के ब्याज अनुदान योजना (इंट्रेस्ट सब्सिडी स्कीम- आईए - सएस) घटक के अंतर्गत, आर्थिक रूप से कमजोर (ई.डब्लू.एस। ), निम्न आय वर्ग (एलआईजी) और मध्यम आय वर्ग (एमआईजी) के पात्र परिवारों को गृह ऋण पर अधिकतम ₹1.80 लाख तक का ब्याज अनुदान प्रदान किया जाएगा। यह महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता निर्धारित शर्तों के अधीन 1 सितंबर 2024 को या उसके पश्चात स्वीकृत एवं वितरित किए गए पात्र गृह ऋणों पर भी लागू होगी। यह कदम शहरी आवास को बढ़ावा देने और नागरिकों के लिए घर खरीदना सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है। इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए, प्रदेश के प्रत्येक नगरीय निकाय में विशेष क्रेता-विक्रेता शिविरों का आयोजन किया जाएगा। ये शिविर प्रत्येक शुक्रवार को आयोजित होंगे, हालांकि स्थानीय आवश्य - कताओं के अनुसार किसी अन्य निर्धारित दिन पर भी इनका आयोजन किया जा सकता है। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य बैंकों, हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों (ह्फ़्च्स) और शासकीय एवं निजी बिल्डर्स/डेवलपर्स को एक ही मंच पर लाना है। इससे हित - ग्राहियों को विभिन्न वित्तीय संस्थानों और निर्माण कंपनियों से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा। शिविर में आने वाले पात्र हित - ग्राहियों को गृह ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया को समझने और ब्याज अनुदान योजना (आईएसएस) के तहत सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए ऑन-द-स्पॉट मार्ग - दर्शन और सहायता प्रदान की जाएगी। विशेषज्ञ मौके पर ही आवेदन प्रक्रिया, पात्रता की शर्तें और आवश्यक दस्तावेजों के बारे में जानकारी देंगे, जिससे हितग्रा - हियों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सकेगा। यह सुविधा घर खरीदने के इच्छुक लोगों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगी। यह पहल 'मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान-2026' का भी एक अभिन्न अंग है। इस अभियान के तहत आयोजित होने वाले सभी शिविरों में भी ब्याज अनुदान योजना (आईएसएस) घटक को अनिवार्य रूप से शामिल किया जा रहा है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि अधिक से अधिक लोग इस महत्वपूर्ण सरकारी योजना का लाभ उठा सकें और अपने घर के सपने को पूरा कर सकें।
