चयनित कृषि मंडियों में डिजिटल तौल और भुगतान प्रणाली का पायलट सफल रहने के बाद इसे पूरे जिले में लागू करने की तैयारी है। किसान की उपज तौलते ही पर्ची और प्रस्तावित भुगतान का विवरण मोबाइल पर भेजा जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि काम को केवल उद्घाटन तक सीमित नहीं रखा जाएगा। हर सप्ताह प्रगति, सेवा की गुणवत्ता और नागरिकों से मिली शिकायतों की समीक्षा होगी। अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले आंकड़ों को एक साझा रिपोर्ट में दर्ज कर यह देखा जाएगा कि सुविधा का लाभ वास्तव में किन समूहों तक पहुंच रहा है और कहां अतिरिक्त संसाधन की जरूरत है।
स्थानीय लोगों ने पहल का स्वागत करते हुए रखरखाव और जवाबदेही पर विशेष ध्यान देने की मांग की है। उनका कहना है कि नई व्यवस्था तभी सफल होगी जब समय-सारणी सार्वजनिक रहे, संपर्क नंबर काम करें और छोटी समस्या के लिए भी लोगों को कई कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। संबंधित विभाग ने वार्ड और ब्लॉक स्तर पर संपर्क अधिकारियों की सूची जारी करने का भरोसा दिया है।

