लगातार दो दिन की बारिश के बाद जिले के धान उत्पादक क्षेत्रों में रोपाई का काम तेज हो गया है। किसानों ने बताया कि नहरों और खेत तालाबों में पर्याप्त पानी आने से शुरुआती लागत और सिंचाई का दबाव घटा है।
अधिकारियों ने बताया कि काम को केवल उद्घाटन तक सीमित नहीं रखा जाएगा। हर सप्ताह प्रगति, सेवा की गुणवत्ता और नागरिकों से मिली शिकायतों की समीक्षा होगी। अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले आंकड़ों को एक साझा रिपोर्ट में दर्ज कर यह देखा जाएगा कि सुविधा का लाभ वास्तव में किन समूहों तक पहुंच रहा है और कहां अतिरिक्त संसाधन की जरूरत है।

