सारनाथ को यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जाने से भारत की बौद्ध विरासत और सांस्कृतिक संरक्षण को नई वैश्विक पहचान मिली है। यह स्थान बुद्ध के प्रथम उपदेश से जुड़ा होने के कारण ऐतिहासिक और आध्यात्मिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
पर्यटन को भी बढ़ावा
मान्यता के बाद संरक्षण, आगंतुक प्रबंधन और स्थानीय बुनियादी ढांचे पर अतिरिक्त ध्यान देना होगा। स्थानीय हस्तशिल्प और छोटे कारोबारों को भी लाभ मिल सकता है।
