भारत ने वैश्विक रक्षा साझेदारियों में अपनी बढ़ती भूमिका और घरेलू विनिर्माण क्षमता को प्रमुख प्राथमिकता बताया है। सरकार का लक्ष्य तकनीक हस्तांतरण, संयुक्त उत्पादन और निर्यात के जरिए रक्षा उद्योग का दायरा बढ़ाना है।
उद्योग को नए अवसर
निजी कंपनियों और स्टार्टअप के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स, ड्रोन और अनुसंधान में अवसर बढ़ रहे हैं। नीति का व्यापक उद्देश्य महत्वपूर्ण रक्षा प्रणालियों के लिए बाहरी निर्भरता घटाना है।
