मानसून की असमान चाल ने किसानों को बुवाई, सिंचाई और कीट प्रबंधन की योजना दोबारा तय करने पर मजबूर किया है। कृषि विशेषज्ञ कम अवधि वाली किस्मों और खेतों में जल निकासी की तैयारी पर जोर दे रहे हैं।
समय पर सलाह जरूरी
किसानों का कहना है कि ब्लॉक स्तर पर मौसम आधारित सलाह और बीज उपलब्धता की जानकारी समय पर मिलनी चाहिए।
