उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली स्थित मां बिरासनी शक्तिपीठ में भक्तों की संख्या लगातार बढ़ती रही
उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली स्थित प्रसिद्ध मां बिरासनी शक्तिपीठ में रक्षाबंधन के पावन पर्व पर भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। शुक्रवार सुबह से ही श्रद्धालु पूजा सामग्री और राखी लेकर मंदिर पहुंचे। दिन चढ़ने के साथ-साथ भक्तों की संख्या में भी इजाफा होता गया। रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का पर्व है, और इस अवसर पर भक्तों ने मां बिरासनी के दरबार में अपनी श्रद्धा अर्पित की। भक्तों ने विशेष रूप से पाठ की राखी मां बिरासनी को अर्पित की, ताकि वे अपने परिवार की सुरक्षा और सुख-समृद्धि की कामना कर सकें। श्रद्धालुओं में रक्षाबंधन को लेकर खास उत्साह देखा गया। महिलाएं, पुरुष और बच्चे परिवार के साथ मां बिरासनी के दर्शन के लिए आए। सभी ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और माता के चरणों में श्रद्धा अर्पित की। मंदिर परिसर में भक्तों का विश्वास है कि मां के चरणों में श्रद्धा के साथ राखी अर्पित करने से माता का आशीर्वाद परिवार पर बना रहता है। इस दिन भक्तों ने माता के दरबार में राखी चढ़ाकर अपने और परिवार की सुख-समृद्धि, सुरक्षा और खुशहाली की कामना की। भक्तों ने कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार किया। माता बिरासनी शक्तिपीठ में रक्षाबंधन पर पाठ की राखी अर्पित करने की परंपरा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही है। भक्तों ने पूजा के बाद प्रसाद चढ़ाया और माता का आशीर्वाद लिया। मंदिर परिसर में मां बिरासनी के जयकारों से गूंजता रहा। भाई-बहन के पवित्र रिश्ते के इस पर्व के साथ माता की आराधना का यह संगम मंदिर परिसर में एक अलग ही आध्यात्मिक माहौल उत्पन्न करता है। उमरिया जिले के साथ आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां बिरासनी के दर्शन के लिए पहुंचे। भक्तों ने रक्षाबंधन पर मां बिरासनी से सुख-शांति और समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। इसी भावना के साथ श्रद्धालुओं ने अपने भाइयों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना की। रक्षाबंधन के अवसर पर मंदिर में सुबह से ही भक्तिमय माहौल बना रहा। मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं ने मां बिरासनी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की और उनकी पूजा की। भक्तों का मानना है कि इस दिन देवी को राखी अर्पित करने से उन्हें विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। माता बिरासनी के दरबार में भक्तों की आस्था और श्रद्धा ने एक अद्भुत दृश्य उत्पन्न किया। भक्तों ने अपने परिवारों के साथ आकर पूजा अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की। इस पर्व पर मां बिरासनी के जयकारों के बीच भक्तों ने एक-दूसरे को राखी बांधने का कार्य भी किया।

