देवास जिले में 2 अक्टूबर की मध्यरात्रि एक चलती स्कॉर्पियो में अचानक आग लग गई। यह घटना भोपाल बायपास के नाकाबंदी पॉइंट पर हुई, जब पुलिस वाहन की चेकिंग कर रही थी। समय रहते पुलिसकर्मियों की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया और वाहन में सवार लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। पुलिस ने बताया कि स्कॉर्पियो उज्जैन से बैरसिया की ओर जा रही थी, तभी रास्ते में यह हादसा हुआ। आग लगने का कारण वाहन के आगे की लाइट के पास शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। नाकाबंदी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने जैसे ही स्कॉर्पियो में आग की लपटें देखीं, उन्होंने तुरंत वाहन को रुकवाया। पुलिसकर्मियों ने सबसे पहले वाहन में सवार यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि न हो। यह त्वरित कार्रवाई सराहनीय थी, क्योंकि आग तेजी से फैल रही थी। यात्रियों को सुरक्षित निकालने के बाद, पुलिसकर्मियों ने उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करके आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। उन्होंने आग बुझाने में सफलता हासिल की, जिससे स्कॉर्पियो पूरी तरह से जलने से बच गई। इस घटना से एक बड़े हादसे को टालने में मदद मिली, जो कि यात्रियों के जीवन के लिए खतरनाक साबित हो सकता था। यह घटना जिलेभर में रात्रि गश्त और वाहन चेकिंग अभियान के दौरान हुई। पुलिस बुधवार रात कांबिंग गश्त पर थी और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान यह स्कॉर्पियो नाकाबंदी पॉइंट पर चेकिंग के लिए रोकी गई थी, और तभी उसमें आग लग गई। एसडीओपी बागली संजय सिंह बैस के निर्देशन में थाना प्रभारी विजेन्द्र सिंह सोलंकी की टीम इस रात्रि गश्त का नेतृत्व कर रही थी। इस अभियान के तहत शहरी क्षेत्र में 186 और ग्रामीण क्षेत्र में 145 सहित कुल 331 वाहनों की जांच की गई। इस दौरान कई तरह के यातायात नियमों के उल्लंघन पाए गए, जिन पर कार्रवाई की गई। इसी कांबिंग गश्त के दौरान पुलिस ने अलग-अलग अपराधों में कई सालों से फरार चल रहे वारंटियों को भी गिरफ्तार किया है। उदयनगर पुलिस ने इन वारंटियों को पकड़ने में सफलता हासिल की है, जो कानून की पकड़ से बचने की कोशिश कर रहे थे। यह गिरफ्तारी पुलिस के सक्रिय अभियानों का परिणाम है। गिरफ्तार किए गए वारंटियों में भुवान उर्फ धुवांन सिंह निवासी सुतारीपुरा का नाम शामिल है, जो 17 साल से फरार था और जिसके खिलाफ तीन स्थाई वारंट जारी किए गए थे। उसकी गिरफ्तारी ने पुलिस को बड़ी राहत दी है, क्योंकि वह लंबे समय से कानून की नजरों से बच रहा था। एक अन्य गिरफ्तार वारंटी हजारी भिलाला निवासी लक्ष्मीनगरकादूड़िया है, जो 16 वर्ष से फरार था। इसके अलावा, हरि सिंह भिलाला निवासी नीमखेड़ा 12 वर्ष से फरार था। इन वारंटियों की गिरफ्तारी से स्थानीय समुदाय में सुरक्षा की भावना बढ़ी है। पवन कोली के खिलाफ दो स्थाई वारंट भी जारी थे। इन सभी की गिरफ्तारी ने अपराधियों के बीच भय का माहौल पैदा किया है।
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देवास: नाकाबंदी पर चलती स्कॉर्पियो में लगी आग, पुलिस की तत्परता से टला हादसा
2 अक्टूबर 2026 को 10:57 pm बजे

देवास: नाकाबंदी पर चलती स्कॉर्पियो में लगी आग, पुलिस की तत्परता से टला हादसा
