उज्जैन की कनीपुरा रोड पर स्थित वैश्य टेकरी, जिसे मौर्य सम्राट अशोक के समय का माना जाता है, अब भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के संरक्षण और विकास की राह पर है। शुक्रवार को ASI की एक विशेषज्ञ टीम आवश्यक उपकरणों के साथ इस प्राचीन स्थल पर पहुंची। टीम ने अत्याधुनिक मशीनों और अन्य उपकरणों की मदद से टेकरी के विभिन्न स्तरों पर जांच और अध्ययन शुरू किया। इस सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य इस ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण और इसे पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाओं को तलाशना है। वैश्य टेकरी को ऐतिहासिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण स्थल माना जाता है और इसका संबंध करीब 2500 साल पुराने इतिहास से है। ASI की टीम ने शुक्रवार को जांच शुरू की और शनिवार को भी टेकरी पर शोध और अध्ययन जारी रखेगी। टीम में पुरातत्व क्षेत्र के विशेषज्ञ और अधिकारी शामिल हैं, जो इस प्राचीन टीले के पुरातात्विक और ऐतिहासिक महत्व से जुड़े विभिन्न पहलुओं का गहराई से अध्ययन कर रहे हैं। यह प्राचीन बौद्ध स्तूप का टीला, जिसका संबंध मौर्य सम्राट अशोक से जोड़ा जाता है, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा पहले ही राष्ट्रीय संरक्षित स्मारक घोषित किया जा चुका है। अब इसके संरक्षण और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। टीम द्वारा किए जा रहे सर्वेक्षण और शोध के बाद एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। सर्वेक्षण पूरा होने के बाद तैयार होने वाली ASI की रिपोर्ट को इस ऐतिहासिक स्थल के संरक्षण और भविष्य के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस रिपोर्ट के आधार पर ही वैश्य टेकरी के संरक्षण और इसे एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने को लेकर आगे की विस्तृत योजना बनाई जा सकेगी। बुद्धीश सोसाइटी के एचबी कटारिया ने बताया कि ASI की टीम में पुरातत्व क्षेत्र के विशेषज्ञ और अधिकारी शामिल हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस ऐतिहासिक स्थल के संरक्षण और इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में ASI की टीम ने शोध और सर्वेक्षण शुरू किया है। पर्यटन की दृष्टि से विकसित होने पर यह स्थल उज्जैन के एक और महत्वपूर्ण पर्यटन केंद्र के रूप में सामने आ सकता है। वर्तमान में यह प्राचीन स्थल अपने ऐतिहासिक महत्व के बावजूद अपेक्षित विकास से अछूता है।
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उज्जैन की प्राचीन वैश्य टेकरी पर एएसआई का सर्वेक्षण जारी, संरक्षण और पर्यटन पर जोर
2 अक्टूबर 2026 को 10:57 pm बजे
