उज्जैन के तिरुपति धाम कॉलोनी में शुक्रवार दोपहर को हुई एक दर्दनाक घटना में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से दो बच्चियां झुलस गईं। घटना शुक्रवार दोपहर करीब 3 से 4 बजे के बीच हुई। पुलिस ने मौके का मुआयना कर जांच शुरू कर दी है। चिमनगंज मंडी थाना प्रभारी विवेक कनोडिया ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया। मकानों और हाईटेंशन लाइन की स्थिति का निरीक्षण कराया जा रहा है। इसके बाद घटना के कारणों और लाइन की स्थिति की जांच की जाएगी। दोनों बच्चियों को पहले एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद शासकीय चरक भवन रेफर किया गया। वहां दोनों को बर्न वार्ड में भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार, दोनों बच्चियां घर की छत पर खेल रही थीं। इसी दौरान 13 वर्षीय आराध्या चौहान हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गई। जब वह तार के पास जा रही थी, तो उसकी दोस्त मीनल जैन ने उसे मना किया था। मीनल के अनुसार, आराध्या तार के पास जा रही थी और उसने उसे वहां जाने से मना किया था, लेकिन आराध्या ने तार पकड़ लिया। आराध्या को बचाने के प्रयास में मीनल भी करंट की चपेट में आ गई। दोनों परिवार करीब एक महीने से यहां रह रहे हैं। हादसे में आराध्या ज्यादा झुलसी है, जबकि मीनल के हाथ समेत शरीर के अन्य हिस्से पर चोट और जलने की बात सामने आई है। दोनों को बर्न इंजरी है और सर्जन की निगरानी में इलाज किया जा रहा है। शासकीय चरक भवन के जितेंद्र शर्मा ने बताया कि दोनों बच्चियां निजी अस्पताल से उपचार के बाद अस्पताल लाई गई थीं। उनकी बर्न इंजरी को देखते हुए सर्जन को बुलाकर उपचार शुरू कराया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। थाना प्रभारी विवेक कनोडिया ने बताया कि घटना में एक बच्ची ने तार पकड़ लिया था। इसके बाद क्या हुआ, उसे ठीक से याद नहीं है। पुलिस घटना के कारणों का पता लगाने के लिए मौके का निरीक्षण कर रही है। लोगों ने इसे हाईटेंशन लाइन बताया है। घर के पास से मोटे तार गुजर रहे हैं। यह घटना तिरुपति धाम कॉलोनी के एक मकान की छत पर घटित हुई। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, दोनों बच्चियां घर के अंदर से छत की तरफ गई थीं। वहीं, मीनल ने बताया कि आराध्या उसे बुलाने आई थी और इसके बाद दोनों छत की तरफ गई थीं। घटना के बाद, दोनों बच्चियों को तुरंत पास के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने प्रारंभिक उपचार किया, लेकिन चोटों की गंभीरता को देखते हुए उन्हें शासकीय चरक भवन रेफर कर दिया गया। शासकीय चरक भवन में पहुंचने पर दोनों को बर्न वार्ड में भर्ती किया गया। डॉक्टरों ने बताया कि दोनों को बर्न इंजरी है और उनका इलाज सर्जन की देखरेख में किया जा रहा है। उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। मीनल जैन, जिसने अपनी दोस्त आराध्या को बचाने की कोशिश की, उसके हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों पर भी जलने के निशान पाए गए हैं। हालांकि, आराध्या की हालत ज्यादा गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण किया है और हाईटेंशन लाइन की स्थिति की जांच की जा रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या लाइन के आसपास सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे या फिर किसी लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। सर्जन की निगरानी में उनका इलाज जारी है।
समाचार
उज्जैन में हाईटेंशन लाइन की चपेट में दो बच्चियां झुलसीं, अस्पताल में भर्ती
2 अक्टूबर 2026 को 10:57 pm बजे

उज्जैन में हाईटेंशन लाइन की चपेट में दो बच्चियां झुलसीं, अस्पताल में भर्ती
