घटना में माता-पिता की भी जान गई
दमोह में एक युवक ने ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली। यह घटना दमोह-कटनी रेलमार्ग पर शुक्रवार सुबह हुई। युवक का नाम मुकेश अहिरवार है, जो राखी बंधवाने वाला था। उसकी बहन उसकी प्रतीक्षा कर रही थी, लेकिन इससे पहले ही यह दुखद घटना घट गई। मुकेश ने अपने पड़ोसी मनोज अहिरवार को बुलाने के लिए घर से निकला था। मनोज ने बताया कि घटना से कुछ समय पहले मुकेश और उसकी पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इस विवाद के बाद मुकेश बिना किसी को बताए घर से चला गया। मुकेश का शव रेलवे ट्रैक पर बिखरा हुआ पाया गया। उसकी लाश को देखकर माता-पिता भरत और उमा अहिरवार भी सदमे में आ गए। उन्होंने रेलवे ट्रैक पर जाकर लेटने का निर्णय लिया। जब माता-पिता ने मुकेश का शव देखा, तो वे भी ट्रेन की चपेट में आ गए। इस हादसे में माता-पिता की भी मौत हो गई। घटनास्थल पर खून बिखरा था, जो इस घटना की भयावहता को दर्शाता है। कोतवाली थाना प्रभारी मनीष कुमार ने बताया कि माता-पिता की लाश घटनास्थल से करीब 2 किलोमीटर दूर धरमपुरा फाटक के पास मिली है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैला दी है। मुकेश की मां उमा का एक पैर कटकर अलग हो गया था। वहीं, पिता भरत के चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटों के निशान मिले हैं। यह सभी जानकारी घटना के बाद पोस्टमॉर्टम के दौरान प्राप्त हुई। परिवार के तीनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल के शवगृह में रखा गया है। पोस्टमॉर्टम शनिवार को होगा। मृतकों की पहचान करैया गांव, हिंडोरिया थाना क्षेत्र निवासी भरत अहिरवार (58), उनकी पत्नी उमा अहिरवार (55) और बेटे मुकेश अहिरवार (30) के रूप में हुई है। इस हादसे के पीछे की वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। आशंका है कि मायके जाने को लेकर यह विवाद हुआ है। मनोज ने बताया कि मुकेश की पत्नी गर्भवती है और उसकी शादी दो साल पहले हुई थी। इस घटना के समय मुकेश का छोटा भाई दौलत अपनी बहन को लेने सागर गया हुआ था। इस वजह से परिवार में चार सदस्य ही मौजूद थे। इस घटना ने परिवार के सभी सदस्यों को गहरे सदमे में डाल दिया है। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल पर आरपीएफ और कोतवाली पुलिस ने पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। मुकेश के पिता भरत जिला अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड थे। मित्र भागचंद अहिरवार ने बताया कि भरत हमेशा अपने परिवार के साथ रहते थे और उनकी पत्नी उमा बहुत ही दयालु थीं। इस घटना के बाद से मुकेश की पत्नी और परिवार के अन्य सदस्य गहरे सदमे में हैं। सभी लोग एक-दूसरे का सहारा बनकर इस मुश्किल समय का सामना कर रहे हैं। इस घटना ने यह दिखाया है कि कैसे एक छोटी सी बात एक बड़े हादसे का कारण बन सकती है। परिवार में खुशी की जगह अब केवल दुख का साया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच को तेज कर दिया है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहनता से जांच की जा रही है। इस दुखद घटना ने समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि कैसे मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक विवादों को समय पर सुलझाना जरूरी है। परिवार के सदस्य इस समय एकत्रित हो रहे हैं ताकि एक-दूसरे का सहारा बन सकें। सभी का ध्यान एक ही बात पर है कि इस दुखद घटना से कैसे उभरा जाए। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। लोग एक-दूसरे को सांत्वना देने की कोशिश कर रहे हैं।



