परिजनों ने अस्पताल की आपातकालीन सुविधाओं पर सवाल उठाए
ओंकारेश्वर के ब्रह्मपुरी घाट पर एक श्रद्धालु की डूबने से मौत हो गई। हादसा रविवार सुबह करीब 4.30 बजे हुआ। मृतक की पहचान उत्तराखंड निवासी 45 वर्षीय गोविंद सैनी पुत्र रामचंद्र सैनी के रूप में हुई है। इस घटना ने तीर्थ क्षेत्र में आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को उजागर किया है। गोविंद सैनी अपने परिजनों के साथ घाट पर स्नान करने आए थे। जैसे ही वे पानी में उतरे, अचानक डूब गए। उनके परिजनों ने तुरंत मदद के लिए पुकार लगाई। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने गोविंद को बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलने के बाद एसडीईआरएफ जवान अमन मालाकार और डायल- 112 के जवान जय उछाने ने गोविंद को सिविल अस्पताल ओंकारेश्वर पहुंचाया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर रवि वर्मा ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह इस बात का संकेत है कि ऐसे हादसों के बाद समय पर चिकित्सा सुविधा का मिलना कितना महत्वपूर्ण है। अनु सैनी, जो मृतक के साथ थीं, ने अस्पताल की आपातकालीन सुविधाओं पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अस्पताल में एंबुलेंस और वेंटिलेटर जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। उनका मानना है कि यदि समय पर बेहतर उपचार मिलता, तो गोविंद की जान बचाई जा सकती थी। अनु सैनी ने कहा कि ओंकारेश्वर देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है और यहां रोज बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सा और आपातकालीन सुविधाएं होना जरूरी है। मामले की जांच के लिए मांधाता थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। पुलिस ने घटना के सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है।
