इंदौर की जेलों में रक्षाबंधन का त्यौहार धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर जेल प्रशासन ने बंदियों और उनके परिजनों के लिए विशेष व्यवस्था की थी। जेल महानिदेशक डॉ. वरुण कपूर ने इस आयोजन की देखरेख की। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर रक्षाबंधन के लिए लगभग 45000 बंदियों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। रक्षाबंधन के दिन, जेलों में खुली मुलाकात का आयोजन किया गया। इस दौरान बंदियों और उनके परिजनों को जेल के अंदर मिलने की अनुमति दी गई। जेल प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि इस मुलाकात के दौरान सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया जाए। अधिकारियों और कर्मचारियों ने सतत निगरानी रखी और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई। महानिदेशक डॉ. कपूर ने बताया कि इस प्रकार के विशेष आयोजनों से बंदियों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने रक्षाबंधन के इस आयोजन के महत्व को बताते हुए कहा कि इससे बंदियों में पारिवारिक और सामाजिक कर्तव्यों की भावना जागृत होती है। इस दौरान, जेलों में भाई-बहन के प्रेम और स्नेह के भावुक कर देने वाले दृश्य देखने को मिले। कई बंदियों के चेहरे पर खुशी के भाव थे, जब वे अपने परिजनों से मिले। लंबे समय बाद अपने बच्चों और परिजनों से मिलकर उनके चेहरे खिल उठे। जेल में आयोजित इस विशेष आयोजन में लगभग 27000 बंदी भाई- बहन शामिल हुए। खुले मैदान में यह मुलाकात शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। यह दिखाता है कि जेल की व्यवस्था कितनी सुसंगठित है। इस अवसर पर, महिला बंदियों से मिलने के लिए उनके भाई और अन्य परिजन भी पहुंचे। यह मुलाकात न केवल भावनात्मक थी, बल्कि सामाजिक जुड़ाव को भी दर्शाती है। परिवारों का एक साथ आना, समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। डॉ. कपूर ने यह भी बताया कि हर साल, रक्षाबंधन जैसे विशेष त्योहारों पर इस तरह की खुली मुलाकात का आयोजन किया जाता है। यह जेल विभाग का एक प्रयास है जिससे बंदियों को उनके परिवार के साथ जुड़ने का मौका मिलता है। जेल प्रशासन की इस पहल से न केवल बंदियों के लिए, बल्कि उनके परिवारों के लिए भी एक सुखद अनुभव बन गया। आम तौर पर, जेल में बिताए गए समय के दौरान परिजनों से दूर रहने की स्थिति में होने के कारण, यह मुलाकात एक महत्वपूर्ण अवसर बन गई।
समाचार
जेलों में रक्षाबंधन पर लगभग 27000 बंदियों का मिलन
30 अगस्त 2026 को 11:27 pm बजे

जेलों में रक्षाबंधन पर लगभग 27000 बंदियों का मिलन
