तमिलनाडु सरकार ने पारंदुर हवाई अड्डा परियोजना को स्थगित कर दिया है। इस निर्णय का मुख्य कारण लोगों का विस्थापन और पर्यावरण से जुड़े मुद्दे हैं, जिनमें परियोजना का एक जलाशय पर होना शामिल है। यह निर्णय राज्य की राजधानी चेन्नई के लिए एक बड़ा झटका है, जहां एक दूसरे हवाई अड्डे की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने इस परियोजना को अपने चुनावी वादों में शामिल किया था, लेकिन अब यह फैसला उस वादे से पीछे हटने का संकेत देता है। चेन्नई के मौजूदा हवाई अड्डे की स्थिति को देखते हुए, नई सुविधाओं की आवश्यकता और भी अधिक स्पष्ट हो गई है। राज्य के व्यापार और उद्योग के प्रतिनिधि इस खबर से निराश हैं, क्योंकि वर्तमान हवाई अड्डा अपनी सेवाओं में गुणवत्ता के मामले में अन्य शहरों के हवाई अड्डों की तुलना में बहुत पीछे है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद के हवाई अड्डे निजी ऑपरेटरों को सौंपे गए हैं, जिससे उनकी सेवाएं अधिक प्रतिस्पर्धी और गुणवत्ता वाली बन गई हैं। सरकार को अब मौजूदा हवाई अड्डे की क्षमता बढ़ाने के उपायों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, जिसमें एक तीसरी रनवे का निर्माण शामिल हो सकता है। एक आंतरिक अध्ययन में इस बात का उल्लेख किया गया था कि एक नए रनवे के लिए लगभग 273 हेच्तरेस भूमि की आवश्यकता होगी। नई टर्मिनल 5 के निर्माण से अतिरिक्त क्षमता का विस्तार होगा, लेकिन यह केवल एक अस्थायी समाधान है। एक नए हवाई अड्डे का निर्माण, जिसे सबसे सकारात्मक अनुमान के अनुसार कम से कम पांच साल लगेंगे, अब अनिवार्य हो गया है।
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तमिलनाडु में हवाई अड्डा स्थगित
29 अगस्त 2026 को 3:34 pm बजे
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