कलेक्टर ने दिए CM हेल्पलाइन, आवास योजना और गौवंश संरक्षण के निर्देश
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने समय-सीमा की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री जनविश्वास शिविर के अंतर्गत प्राप्त सभी आवेदनों का पूरी तत्परता और निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से 1000 दिन से अधिक समय से लंबित CM हेल्पलाइन की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर त्वरित सुलझाने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि नगर पालिका दमोह को पीएमएवाई 1.0 योजना के अंतर्गत 3 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई है, जिसे सभी पात्र हितग्राहियों के खातों में निर्धारित समय-सीमा में अंतरित किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश स्थापना दिवस पर प्रतीकात्मक रूप से स्वीकृति पत्र बांटे गए थे, और शेष पात्र हितग्राहियों के खातों में भी आवास निर्माण की राशि शीघ्र भेजी जाए ताकि वे समय पर अपने पक्के मकान बना सकें। बैठक के दौरान CM हेल्पलाइन के प्रकरणों की गहन समीक्षा करते हुए कलेक्टर यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी प्रकरण 'नॉन अटेंड' (नोन्-अत्तेन्द) स्थिति में नहीं रहना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जिन अधिकारियों के स्तर पर प्रकरण नॉन अटेंड पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि लगातार की जा रही मॉनिटरिंग और समीक्षा का सकारात्मक परिणाम यह रहा कि इस सप्ताह मात्र 3 प्रकरण ही 'नॉन अटेंड' पाए गए। इसके साथ ही, 1000 दिन से अधिक समय से लंबित CM हेल्पलाइन की शिकायतों, जिनकी वर्तमान संख्या 31 है, के त्वरित निराकरण के भी स्पष्ट निर्देश दिए गए। कलेक्टर यादव ने 'सड़क से गौशाला अभियान' की समीक्षा की और सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि वे सड़कों पर घूम रहे निराश्रित गौवंश को नजदीकी गौशालाओं में पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनपद पंचायत अपने क्षेत्र के कम से कम 10 निराश्रित गौवंशों को गौशालाओं में संरक्षित कराए। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कोई भी प्रकरण 'नॉन अटेंड' न रहे और लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई होगी। यादव ने अधिकारियों से कहा कि वे सकारात्मक सोच के साथ टीम भावना से कार्य करें। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ समाज के अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने आमजन की समस्याओं के निराकरण में संवेदनशीलता और तत्परता बरतने पर भी बल दिया।

