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मध्य प्रदेश के देवास जिले में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की एक ट्रक से कुचलकर मौत हो गई। यह घटना रविवार देर रात करीब डेढ़ बजे हुई। इस दुखद घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई। इस बीच, सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए दिवंगत टीआई को श्रद्धांजलि दी है। वहीं, कांग्रेस ने प्रदेश में शराब माफिया की बढ़ती गतिविधियों को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने टीआई दिलीप पुरी की मौत पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि पुरी ने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ पुलिस सेवा में अपना बहुमूल्य योगदान दिया। उन्होंने देवास के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से बात कर घटना की गहन जांच कराने और दोषियों को किसी भी हाल में न बख्शने का भरोसा दिलाया। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने टीआई दिलीप पुरी के निधन को कर्तव्य निर्वहन के दौरान दिया गया सर्वोच्च बलिदान बताया। उन्होंने परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि देवास जिले के खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी जी ने पूर्ण निष्ठा, साहस और समर्पण भाव से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए कर्तव्य की वेदी पर अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उनके असामयिक निधन का समाचार अत्यंत दुखद एवं पीड़ादायक है। परमपिता परमेश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों को इस कठिन समय में दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। विनम्र श्रद्धांजलि! दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस घटना को प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर एक गंभीर सवाल करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में शराब, ड्रग्स और अन्य माफिया सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा, "देवास के खातेगांव में शराब माफिया द्वारा टीआई दिलीप पुरी की ट्रक से कुचलकर हत्या प्रदेश की कानून- व्यवस्था की हत्या की खुली घोषणा है। " उन्होंने विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। कमलनाथ ने अपनी पोस्ट में आगे कहा, "प्रदेश की पहचान आज शराब माफिया, ड्रग्स माफिया, खनन माफिया, भू- माफिया और रेत माफिया से हो चुकी है। मध्य प्रदेश में अब माफिया सरकार चला रहे हैं और सरकार मूकदर्शक बनी बैठी है। " मध्य प्रदेश कांग्रेस ने भी राज्य सरकार पर इस मामले में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। थाना परिसर में सोमवार को पार्थिव शरीर पहुंचने पर गॉर्ड ऑफ ऑनर दिए जाने की जानकारी दी गई है। पुलिस को सूचना मिली थी कि अवैध शराब से भरा एक ट्रक हरदा की ओर से आ रहा है और इंदौर होते हुए गुजरात जाने वाला है।
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