सरकार की मदद से बेटियां घर लौटेंगी
नेपाल में आई जलप्रलय ने अनूपपुर जिले की दो बेटियों को संकट में डाल दिया था। पलक और पल्लवी माझी, जो कुछ दिन पहले नेपाल घूमने गई थीं, जलप्रलय के कारण वहां फंस गईं। उनके परिवार ने संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन त्रासदी और नेटवर्क की समस्या के चलते दो दिनों तक उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया। पलक और पल्लवी के पिता ने बताया कि उन्होंने फोन पर अपनी बेटियों से बात की है। सरकार की मदद से अब वे सुरक्षित हैं और उन्हें नेपाल के पोखरा पहुंचाया गया है। उनके सुरक्षित होने की खबर सुनकर परिवार ने राहत की सांस ली है। पलक और पल्लवी कुल 9 लोगों के समूह के साथ नेपाल गई थीं। इस समूह में अन्य लोग भी शामिल थे, लेकिन उनके पिता ने जानकारी दी है कि इस समूह में शामिल तीन अन्य लोगों के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। कोतमा वार्ड क्रमांक 8 निवासी मंजू माझी की ये बेटियां ग्वालियर में पढ़ाई और नौकरी करती हैं। उनके माता- पिता ने सरकार से मदद की गुहार लगाई थी, ताकि उनकी बेटियों को सुरक्षित वापस लाया जा सके। पलक और पल्लवी की मां ने कहा कि उन्हें अपनी बेटियों की चिंता थी, लेकिन अब उन्हें राहत मिली है। उनके पिता ने भी बताया कि वे शनिवार को नेपाल से अपने घर कोतमा के लिए रवाना होंगी। नेपाल में आई जलप्रलय ने कई लोगों को प्रभावित किया है। अनूपपुर जिले के कोतमा की ये बेटियां इस संकट में फंसीं, लेकिन सरकार की मदद से अब वे सुरक्षित हैं। उनके परिवार के लिए यह एक बड़ा राहत का क्षण है।

