पहली बार सवारी में रोबोट आरती करेगा और धुन सुनाएगा
उज्जैन में महाकालेश्वर की सवारी में इस बार एक अनोखा अनुभव जुड़ने जा रहा है। पहली बार एक रोबोट इस सवारी का हिस्सा बनेगा, जो श्रद्धालुओं के बीच आरती करेगा और शिव धुन सुनाएगा। यह रोबोट इंदौर की एक निजी कंपनी द्वारा बनाया गया है और इसका प्रयोग सामाजिक संस्थाओं की ओर से किया जाएगा। राजेश पांचाल के अनुसार, महाकालेश्वर की पांचवीं और भादौ माह की पहली सवारी 31 अगस्त को निकलेगी। इस सवारी में महाकाल के पांच स्वरूपों की झांकी भी होगी, जिससे श्रद्धालुओं को एक अद्भुत अनुभव प्राप्त होगा। सवारी के दौरान रोबोट को कुछ दूरी तक सवारी के साथ चलाया जाएगा। यह रोबोट विशेष रूप से भीड़ में चलने और अव्यवस्था होने पर कंट्रोल रूम को स्वत: सूचना भेजने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। महाकाल की पालकी में चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर मनमहेश, गरुड़ रथ पर शिव तांडव, बैलगाड़ी पर उमा-महेश और डोल रथ पर होलकर मुखौटा स्वरूप में महाकाल नगर भ्रमण करेंगे। यह सवारी श्रद्धालुओं के लिए एक अद्वितीय अनुभव होगा। मंदिर समिति के अनुसार, रोबोट रामघाट पर पालकी पहुंचने पर शिव धुन सुनाएगा और आरती में भी शामिल होगा। इस तकनीकी पहल से श्रद्धालुओं में नई उत्सुकता जगेगी। अगर यह प्रयोग सफल रहता है, तो आगामी सवारियों और सिंहस्थ में भी रोबोट का उपयोग किया जा सकता है। इससे महाकाल की सवारी को और भी आकर्षक बनाया जा सकेगा। इंदौर की निजी कंपनी ने इस रोबोट को इस तरह से डिजाइन किया है कि यह श्रद्धालुओं के बीच आसानी से काम कर सके। इसे लोगों के साथ संवाद करने की क्षमता भी दी गई है।
