महंगाई और बारिश ने खरीदारी को प्रभावित किया है
भोपाल में रक्षाबंधन की खरीदारी का दौर शुरू हो गया है। दुकानदारों के मुताबिक, त्योहार पर सामान्य दिनों की तुलना में अधिक ग्राहक आने की उम्मीद रहती है। हालांकि, लगातार हो रही बारिश के कारण कई लोग बाजार आने से बच रहे हैं। त्योहार की खरीदारी पर मौसम का असर बिक्री पर दिखाई दे रहा है। महंगाई के कारण रोजमर्रा की जरूरतों की बढ़ती कीमतें परिवार के बजट पर अतिरिक्त बोझ डाल रही हैं। इससे ग्राहकों के लिए खरीदारी करना आसान नहीं हो रहा है। ग्राहक महंगाई के चलते खरीदारी सोच-समझकर कर रहे हैं। न्यू मार्केट समेत शहर के प्रमुख बाजारों में राखी, मिठाई, गिफ्ट और ज्वेलरी की दुकानों पर ग्राहक पहुंच रहे हैं। बाजार में रक्षाबंधन के मद्देनजर राखियों और मिठाई की मांग बढ़ी है। लेकिन, बारिश और बढ़ती कीमतों ने खरीदारी को प्रभावित किया है। मिठाई कारोबारियों का कहना है कि इस बार चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण मिठाइयों की लागत भी बढ़ गई है। इसके चलते मिठाई के दाम भी पहले से अधिक हो गए हैं। ग्राहकों का कहना है कि इस बार मिठाई खरीदना पिछले साल की तुलना में महंगा हो गया है। बारिश के बावजूद बहनें बाजार में राखी खरीदने के लिए पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के रिश्ते का खास त्योहार है और इसे मनाना जरूरी है। इस बार बारिश के कारण ग्राहकों की संख्या में कमी आई है, लेकिन बहनों का कहना है कि मौसम खराब हो या सामान महंगा, भाई के लिए राखी तो खरीदेंगे। दुकानदारों ने बताया कि इस बार बाजार में बिक्री प्रभावित हो रही है। वहीं, कारोबारियों का मानना है कि बढ़ती लागत ने मुनाफे पर असर डाला है। ज्वेलर्स के मुताबिक, ग्राहकों के बजट को देखते हुए हल्की और कम वजन वाली चांदी की राखियां तैयार की गई हैं, ताकि कीमत कम रखी जा सके। इस बार चांदी और सोने की कीमतों में तेजी का असर बिक्री पर पड़ा है। ग्राहकों की पसंद के हिसाब से राखियों के डिजाइन भी अलग-अलग हैं। कुछ ग्राहक नए डिजाइन और बेहतर कलेक्शन को पसंद कर रहे हैं। जबकि कुछ का कहना है कि इस बार राखियों की वैरायटी कम है। इस बार रक्षाबंधन की खरीदारी पर बारिश और महंगाई का असर साफ नजर आ रहा है। दुकानदारों ने बिक्री में कमी के बारे में भी बताया है। रक्षाबंधन का त्योहार एक बार साल में आता है, इसलिए ग्राहक महंगाई के बावजूद खरीदारी करने के लिए बाजार पहुंच रहे हैं।
