सेवा और परोपकार की मिसाल, जनभागीदारी से शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायी पहल हाई स्कूल हृदयपुर के प्राचार्य डॉ. आलोक सोनवलकर के नवाचारी प्रयासों से प्रेरित होकर कु. गार्गी, पुत्री डॉ. विनोद कुकरेजा ने अपनी गुल्लक में जमा बचत राशि से हाई स्कूल हृदयपुर के कक्षा 6वीं के विद्यार्थियों को निःशुल्क स्टेशनरी वितरित की। यह कार्य बच्चों में सेवा, सहयोग एवं परोपकार की भावना विकसित करने की एक सराहनीय पहल है। डॉ. विनोद कुकरेजा ने अपनी बेटी गार्गी के हाथों यह पुनीत कार्य करवाया, जो बच्चों में अच्छे संस्कार विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस पहल से गार्गी में बचपन से ही सेवा, सहयोग और परोपकार की भावना विकसित होगी। यह प्रयास अन्य बच्चों और अभिभावकों को भी समाजसेवा के लिए प्रेरित करेगा, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा। हाई स्कूल हृदयपुर के प्राचार्य डॉ. आलोक सोनवलकर के नवाचारी विचारों ने गार्गी को प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों की शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए कई नए तरीके आजमाए हैं, जिसका सीधा असर विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। यह पहल उन्हीं प्रयासों का एक परिणाम है, जो शिक्षा के क्षेत्र में जनभागीदारी को बढ़ावा देती है। गार्गी ने अपनी गुल्लक में जमा की गई बचत राशि का उपयोग करके कक्षा 6 के विद्यार्थियों के लिए स्टेशनरी खरीदी। इसमें पेंसिल, कॉपी, रबर, शार्पनर और अन्य आवश्यक सामग्री शामिल थी। यह सामग्री विद्यार्थियों को उनकी पढ़ाई में मदद करेगी और उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित करेगी। इस निःशुल्क स्टेशनरी वितरण कार्यक्रम का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों की मदद करना था, ताकि वे बिना किसी बाधा के अपनी शिक्षा जारी रख सकें। यह कदम समाज में समानता और शिक्षा के महत्व को बढ़ावा देता है।
समाचार
बच्ची ने गुल्लक की बचत से बांटी स्टेशनरी
2 नवंबर 2026 को 10:51 pm बजे

बच्ची ने गुल्लक की बचत से बांटी स्टेशनरी
