भोपाल से इंदौर का एसी स्लीपर किराया 5009 रुपए तक पहुंच गया, जिससे यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं
भोपाल के रेलवे स्टेशनों पर रक्षाबंधन के त्योहार के चलते भारी भीड़ देखी जा रही है। यात्रियों को ट्रेन पकड़ने के लिए जान जोखिम में डालनी पड़ रही है। रानी कमलापति और संत हिरदाराम नगर स्टेशन पर यात्री प्लेटफार्म पर खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि यहां पैर रखने तक की जगह नहीं बची है। भोपाल से इंदौर का एसी स्लीपर किराया ऑनलाइन पोर्टल पर 5009 रुपए तक पहुंच गया है। ऐसे में यात्रियों को अपनी यात्रा के लिए अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर घर जाने वाले यात्रियों की संख्या में वृद्धि हुई है, जिससे किराया भी बढ़ा है। सरकार ने बसों के किराए में वृद्धि की है, लेकिन यह नियम भी हवा में हैं। सरकारी दरों से 3 से 60 रुपए तक अधिक वसूली की जा रही है। इसके बावजूद यात्रियों को बसों में चढ़ने के लिए लंबी कतारों का सामना करना पड़ रहा है। भारी भीड़ के बीच, यात्री प्लेटफॉर्म से उतरकर दूसरी ओर पटरी पार करने की कोशिश कर रहे हैं। इस दौरान कई यात्री ट्रेन में चढ़ने के लिए जान जोखिम में डाल रहे हैं। ऐसे में हादसे का खतरा बना हुआ है। भोपाल के बस ऑपरेटर गोपाल पैगवार ने बताया कि ऑल इंडिया परमिट की बसें मनमाना किराया वसूल रही हैं। यात्रियों को स्टैंड पर ट्रैवल्स वाले अधिक पैसे देकर बसों में सवार होना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त, परिवहन आयुक्त उमेश जोगा ने आरटीओ को इस संबंध में निर्देश दिए हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए चेकिंग टीमें रास्ते में बस रोककर जांच कर रही हैं। इस बीच, यात्रियों को ट्रेनों में जगह नहीं मिल रही है। ऐसे में वे बसों का सहारा ले रहे हैं। भले ही बसों का किराया बढ़ा हो, लेकिन यात्रा के लिए कोई अन्य विकल्प नहीं है। हालात ने यात्रियों को मजबूर कर दिया है। प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर यात्री अपने घर जाने के लिए बेकरार हैं। रक्षाबंधन जैसे त्योहारों पर यात्रा के लिए तैयारी करना हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है। इस बार स्थिति और भी गंभीर हो गई है। भोपाल से सागर, दमोह और जबलपुर जैसे शहरों के लिए भी किराया 3 से 60 रुपए तक बढ़ गया है। यात्रियों ने इस बढ़ोतरी की शिकायत की है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। सभी यात्रियों को सरकारी दरों के अनुसार यात्रा करने का अधिकार है, लेकिन निजी बस ऑपरेटरों की मनमानी से स्थिति बिगड़ गई है। ऐसे में यात्रियों को अपनी यात्रा के लिए अधिक पैसे चुकाने पड़ रहे हैं। कई यात्री अब भी उम्मीद लगाए हुए हैं कि स्थिति जल्द सुधरेगी। हालांकि, त्योहार के समय यात्रा करने का यह अनुभव उनके लिए कष्टदायक बन गया है। सरकार को चाहिए कि वह इस स्थिति पर ध्यान दे और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
भोपाल के तीनों प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर रक्षाबंधन के अवसर पर यात्रियों की भारी भीड़ देखी जा रही है। प्लेटफॉर्म पर पैर रखने तक की जगह नहीं बची है, जिससे ट्रेन में चढ़ने में यात्रियों को दिक्कत हो रही है। बढ़ते किराए और भीड़ के कारण यात्रियों की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। भोपाल से इंदौर का एसी स्लीपर किराया अब 5009 रुपए तक पहुंच गया है। वहीं, सागर, दमोह, वाराणसी और जबलपुर जैसे शहरों के लिए किराए में 3 से 4 गुना तक की बढ़ोतरी की जा रही है।

