सीहोर में आयोजित ‘उड़ान’ कार्यशाला में बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और करियर मार्गदर्शन पर हुई चर्चा
मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार 01 नवंबर से 06 नवंबर तक आयोजित होने वाले सुरक्षित बचपन अभियान का राज्य स्तरीय शुभारंभ एवं एक दिवसीय ‘उड़ान’ कार्यशाला का आयोजन 01 नवंबर को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक, जिला अनूपपुर में किया गया। इस राज्य स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम का सीधा प्रसारण यू-ट्यूब लाइव के माध्यम से एडीआर सेंटर, जिला न्यायालय परिसर सीहोर में हुआ। इसके बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीहोर द्वारा छात्र-छात्राओं के लिए ‘उड़ान’ नामक एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का शुभारंभ प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीहोर संजीव कुमार अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। उन्होंने छात्र-छात्राओं को बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण, बाल यौन शोषण से बचाव, करियर मार्गदर्शन और भविष्य की तैयारी से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों से संरक्षण के लिए बनाए गए कानूनों की जानकारी देते हुए उन्होंने सभी को जागरूक रहने और आवश्यकता पड़ने पर उचित सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अनुराग सिंह कुशवाह और साइबर सेल सीहोर के सुशील साल्वे ने डिजिटल सुरक्षा, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, साइबर बुलिंग और ऑनलाइन धोखाधड़ी तथा इनसे बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार ऑनलाइन दुनिया के जोखिमों से बचकर सुरक्षित रहा जा सकता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का जिम्मेदारी से उपयोग करने की सलाह दी। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सीहोर स्वप्नाश्री सिंह ने बच्चों के विरुद्ध हिंसा की रोकथाम, बाल संरक्षण तंत्र, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) 2012, शिकायत एवं रिपोर्टिंग व्यवस्था तथा निःशुल्क विधिक सहायता के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने पॉक्सो एक्ट के विभिन्न प्रावधानों और इसके तहत मिलने वाली कानूनी सुरक्षा के बारे में समझाया। उन्होंने बच्चों को किसी भी प्रकार की हिंसा या शोषण की स्थिति में तत्काल रिपोर्ट करने के महत्व पर जोर दिया। जिला चिकित्सालय सीहोर के डॉ. शशिन्द्र भनारिया ने किशोरों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य, पोषण, पर्याप्त नींद, व्यायाम और संतुलित जीवनशैली के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि एक स्वस्थ जीवनशैली किस प्रकार बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने किशोरों की आम स्वास्थ्य समस्याओं और उनके समाधान के बारे में भी जानकारी दी। जिला शिक्षा विभाग के दिनेश वर्मा ने करियर के विभिन्न विकल्पों, कौशल विकास, लक्ष्य निर्धारण, छात्रवृत्ति तथा आधुनिक तकनीक आधारित कृषि को व्यवसाय के रूप में अपनाने की संभावनाओं के बारे में बताया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को भविष्य के लिए योजना बनाने और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि कैसे विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाया जा सकता है। वहीं एनआईएमएचआर सीहोर के पुनर्वास अधिकारी जेपी दिवाकर ने किशोरों के मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, सहपाठियों के दबाव, आत्मविश्वास, संवाद कौशल एवं लैंगिक संवेदनशीलता पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने सिखाया कि कैसे किशोर अपने मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रख सकते हैं और तनावपूर्ण परिस्थितियों का सामना कर सकते हैं।
